पुलिस ने महिलाएं-बच्चों के सामने बेरहमी से घसीटा-पीटा:सागर में शिकायत करने आए परिवार से कलेक्ट्रेट में अमानवीयता; भास्कर को तस्वीरें लेने से रोका

सिंगरौली कलेक्ट्रेट परिसर में रात भर से बैठे एक परिवार पर शनिवार को पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। अपनी जमीन पर सरपंच के अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे एक परिवार के पुरुष सदस्य को पुलिस ने महिलाओं और बच्चों के सामने बेरहमी से पीटा और घसीटकर जबरन गाड़ी में ठूंसकर ले गई। करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान कलेक्टर अपने केबिन में रहे, लेकिन बाहर नहीं निकले। दैनिक भास्कर की टीम जब इस बर्बरता को अपने कैमरे में कैद कर रही थी, तो सिविल ड्रेस में मौजूद एक एएसआई ने कैमरा बंद करवाने की भी कोशिश की। न्याय की आस में कलेक्ट्रेट में गुजारी रात
यह मामला कसर गांव के रहने वाले संतराम साहू के परिवार से जुड़ा है। संतराम के मुताबिक शुक्रवार यानी 28 नवंबर की रात करीब 10 बजे गांव के सरपंच ने उसकी जमीन पर जेसीबी चलवा दी। जमीन पर गेहूं की फसल लहलहा रही थी। सरपंच अवैध रूप से वहां सड़क बना रहा था। इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए संतराम अपने परिवार की महिलाएं और बच्चों को लेकर मदद के लिए निकला। संतराम ने रोते हुए बताया, ‘रात 12 बजे से मैं यहां बैढ़न (जिला मुख्यालय) में भटक रहा हूं। गांव का सरपंच मेरी जमीन पर रात में जेसीबी मशीन चलाकर सड़क बना रहा है, जहां मेरी गेहूं की फसल लगी थी, वो भी पूरी खराब हो गई है।’ परिवार बोला- कलेक्टर हमसे मिले तक नहीं
न्याय की कोई उम्मीद न देख, यह परिवार छोटे-छोटे बच्चों के साथ रात भर तहसील परिसर में ही सोता रहा। उन्हें उम्मीद थी कि सुबह जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी, कलेक्टर साहब आएंगे, तो उनकी फरियाद सुनी जाएगी। सुबह होते ही परिवार कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया, लेकिन उनकी मुसीबतें कम होने की बजाय और बढ़ गईं। संतराम ने आगे कहा, ‘सुबह हम कलेक्टर साहब से मिलने आए। कलेक्टर आए भी, लेकिन हमसे मिले नहीं। वह अभी भी अपने चेंबर में बैठे हैं, और उनके बैठे-बैठे ही पुलिस ने बर्बरता से हमारे एक आदमी (सुरेश साहू) को उठाकर ले गई। महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की, लेकिन वह अब तक चेंबर से बाहर नहीं निकले।’ पुलिस ने की अमानवीयता की हदें पार
शनिवार दोपहर करीब 2 बजे, जब परिवार कलेक्टर केबिन के बाहर न्याय का इंतजार कर रहा था, अचानक माहौल बदल गया। अंदर से कुछ पुलिसकर्मी, जिनमें सिर्फ एक महिला पुलिसकर्मी थी, बाहर निकले। उन्होंने परिवार के एक सदस्य, सुरेश साहू को घसीटना शुरू कर दिया। परिवार की महिलाएं, बच्चे और बूढ़े जब सुरेश को छुड़ाने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें भी नहीं बख्शा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने महिलाओं और बच्चों को बेरहमी से धक्का दिया, उन्हें जमीन पर गिराया और चीख-पुकार के बीच सुरेश साहू को जबरन घसीटते हुए पुलिस की गाड़ी में ठूंस दिया। जब महिलाओं ने गाड़ी को रोकने की कोशिश की, तो ड्राइवर ने गाड़ी को रिवर्स कर उन्हें डराया और तेजी से वहां से निकल गया। महिलाएं बोलीं- हमें गांव में जान का खतरा
इस घटना के बाद, पूरा परिवार कलेक्टर केबिन के बाहर ही बैठकर बिलख-बिलख कर रोने लगा, लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली। परिवार की एक महिला, बासमती साहू ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, ‘रात में सरपंच और उसके लोग हम पर हमला करने आए थे। हम किसी तरह से वहां से अपनी जान बचाकर भागे।’ ‘मेरा एक छोटा बच्चा गांव में ही छूट गया है। पता नहीं अब वो किस हालत में होगा। हमें अपनी जान का डर है, इसलिए हम गांव भी नहीं लौट सकते। छोटे-छोटे बच्चों को लेकर किसी तरह से तहसील में रात गुजारी, यह सोचकर कि सुबह न्याय मिलेगा। लेकिन अधिकारी पहले तो मिलने को ही तैयार नहीं हुए, और अब हमारे साथ ऐसा सलूक कर रहे हैं।’ शिकायतकर्ताओं पर ही दर्ज हो गई FIR
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस समय यह परिवार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा था, उसी समय बरगवां थाने में उनके खिलाफ ही एक एफआईआर दर्ज की जा रही थी। शनिवार सुबह 10 बजकर 46 मिनट पर केशरीलाल साहू नामक व्यक्ति ने एक शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर के अनुसार, ‘कल दिनांक 28/11/25 को रात्रि 11 बजे मैं अपने ट्रैक्टर से जगजीवन राम वैश्य के कहने पर उनके खेत में गिट्टी डालकर रोड बना रहा था, तभी वहां पर संतराम साहू, सतीश साहू एवं सुरेश साहू आए और मेरे ट्रैक्टर के सामने आकर खड़े हो गए। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम यहां पर रोड क्यों बना रहे हो? मैंने कहा कि जगजीवन राम वैश्य अपने खेत में रोड बनवा रहे हैं, आप उनसे बात कर लीजिए। इतने में तीनों ने मेरा रास्ता रोककर गंदी-गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि अगर यहां रोड बनाएगा तो जान से खत्म कर देंगे। इसी एफआईआर को आधार बनाकर पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर में यह कार्रवाई की। पुलिस बोली- प्रतिबंधात्मक धारा का पालन कराया
इस मामले में सीएसपी पीएस परस्ते का कहना है कि पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि दोपहर में सूचना आई थी कि कलेक्ट्रेट में कुछ लोग हो-हल्ला कर रहे हैं। इस शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। इससे पहले शुक्रवार रात 11 बजे केसरी लाल साहू ने बरगवां थाने में तीन लोगों के खिलाफ गाली-गलौज, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत पर संतराम साहू, सतीश साहू और सुरेश साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, हालांकि जब उनसे दैनिक भास्कर का कैमरा बंद करवाने के प्रयास पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा, ‘मैं इसे दिखवाता हूं।’ अधिकारी बोले- हंगामा करने वाले अतिक्रमणकारी
इस पूरे घटनाक्रम पर जब दैनिक भास्कर ने अधिकारियों से बात की, तो उन्होंने परिवार के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। कलेक्टर गौरव बेनल ने फोन पर बात करते हुए भास्कर को बताया, ‘जो व्यक्ति आज कलेक्ट्रेट आया था, वह मुझसे गुरुवार रात 8 बजे मिल चुका था। उसी दिन मैंने तहसीलदार से जमीन संबंधी इस विवाद की जांच करवाई थी। ‘जांच में यह बात सामने आई कि यह फरियादी गलत शिकायत लेकर आया है और इसने खुद दूसरे की जमीन पर कब्जा करके रखा है। यह रिपोर्ट हमारे पास आ चुकी है। आज फिर यह दबाव बनाने के लिए महिलाओं और बच्चों को लेकर आया था। फिर भी, हमने चितरंगी एसडीएम को निर्देश दिया है कि एक बार फिर मौके पर जाकर देखें।’

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