शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) दतिया में प्रशासनिक नियमों को नज़रअंदाज़ करते हुए एक ही अधिकारी को दो-दो महत्वपूर्ण पद देने का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. अर्जुन सिंह वर्तमान में पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष का काम भी संभाल रहे हैं, जबकि उनके खिलाफ लोकायुक्त की जांच में दोष सिद्ध हो चुका है। आरटीआई से सामने आया मामला
पूर्व डीन डॉ. राजेश गौड़ द्वारा लगाई गई एक आरटीआई से यह पूरा मामला सामने आया। आरटीआई में मिली जानकारी से जुड़े दस्तावेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, जिसके बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। लोकायुक्त शिकायत क्रमांक 0344/ई/2021-22 के तहत हुई जांच में डॉ. अर्जुन सिंह पर लगे चार आरोपों में से दो आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर 27 अगस्त 2024 को उन पर दो वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का दंड लगाया गया। सामान्य तौर पर प्रशासनिक प्रक्रिया यह कहती है कि जिस अधिकारी पर दंड लगाया जाए, उसे संवेदनशील या महत्वपूर्ण पद से हटा दिया जाता है। लेकिन दतिया मेडिकल कॉलेज में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और डॉ. अर्जुन Singh अब भी न केवल अधीक्षक हैं, बल्कि पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष का दायित्व भी निभा रहे हैं।


