बस्तर में नक्सल संगठन का नेतृत्व लगभग खत्म:देवजी-देवा-पापाराव समेत कुछ ही लीडर बचे; डेढ़ साल में 13 से ज्यादा टॉप नक्सलियों का एनकाउंटर

छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगभग पिछले 40 सालों से नक्सली आतंक मचाते आ रहे हैं। लेकिन वर्तमान में परिस्थिति ऐसी बन गई है कि नक्सलियों के सबसे आधार वाले इलाके बस्तर से नक्सलवाद अब खत्म होने की कगार पर है। पिछले डेढ़ सालों में बस्तर में जवानों ने करीब 13 से ज्यादा टॉप लीडर्स का एनकाउंटर किया है। अब हिड़मा की मौत के बाद बस्तर में संगठन टूट गया है। भूपति, रूपेश के सरेंडर के बाद अब चैतू ने भी हथियार डाल दिए हैं। आंध्र-तेलंगाना के कई बड़े लीडरों ने भी आत्म समर्पण कर दिया है। वहीं अब देवजी, गणपति, मिशिर बेसरा, पापा राव, गणेश उइके और बारसे देवा जैसे कुछ चुनिंदा 8 से 9 बड़े नक्सली ही बचे हुए हैं। यदि ये सरेंडर कर देते हैं या फिर इनका एनकाउंटर हो जाता है तो बस्तर से नक्सलवाद का सफाया होना निश्चित है। इनके सरेंडर, एनकाउंटर या गिरफ्तारी के बाद बस्तर में नक्सल संगठन को चलाने वाला कोई भी बड़ा लीडर नहीं बचेगा। निचले कैडर्स के कुछ नक्सली बचेंगे, लेकिन नेतृत्व खत्म होने से वे भी हिंसा का रास्ता छोड़ने मजबूर हो जाएंगे। 15 में से 7 एरिया कमेटी बची, डिवीजन भी खत्म बस्तर IG सुंदरराज पी के मुताबिक, बस्तर में नक्सलियों की कुल 7 डिवीजन और 15 एरिया कमेटी सक्रिय थी। माड़ डिवीजन, केशकाल और दरभा डिवीजन में नक्सली लगभग खत्म हो गए हैं। पश्चिम बस्तर डिवीजन में कुछ नक्सली हैं। वहीं पहले इनकी 7 डिवीजन में 15 एरिया कमेटी सक्रिय थी। लेकिन अब चुनिंदा 7 एरिया कमेटी में कुछ छिटपुट नक्सली ही बचे हैं। दंडकारण्य इलाके में महज 120 से 150 सशस्त्र नक्सली ही सक्रिय हैं। यदि ये नक्सली खत्म हुए तो नक्सलवाद लगभग खत्म हो जाएगा। गृहमंत्री का दावा- 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त होगा देश गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन जारी कर दी है। उनका दावा है कि 31 मार्च 2026 तक देशभर से नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा। वहीं मिशन 2026 के तहत ही छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में फोर्स काम कर रही है। जिसका फायदा भी मिला।पिछले 40 सालों में जिस बस्तर इलाके में नक्सली सबसे ज्यादा मजबूत थे अब वहां फोर्स का दबदबा बढ़ा है। नक्सली एनकाउंटर में मारे जा रहे हैं, और हिंसा का रास्ता भी छोड़ रहे हैं। ये हैं 3 बड़े एनकाउंटर पिछले डेढ़ साल में पुलिस नक्सलियों के गढ़ में घुसी। इसी साल अबूझमाड़ में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर बसवा राजू समेत 27 नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया था। कर्रेगुट्टा में देश का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन चलाया गया था। जिसमें 31 नक्सली मारे गए थे। वहीं पिछले साल अबूझमाड़ के थुलथुली में जवानों ने 38 नक्सलियों का एनकाउंटर किया था। एसके अलावा अलग-अलग मुठभेड़ों में 10, 15, 20, 25 नक्सली भी एकसाथ मारे गए हैं। जबकि इसी साल नक्सलियों ने बीजापुर में एक IED ब्लास्ट कर जवानों से भरी गाड़ी उड़ाई थी। जिसमें 8 जवान और एक वाहन चालक की शहादत हुई थी। ये इस साल की सबसे बड़ी नक्सल घटना थी। देश का सबसे खतरनाक नक्सली हिड़मा 18 नवंबर को मारा गया देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर मरेडमिल्ली जंगल में 18 नवंबर की सुबह हुए एनकाउंटर में मारा गया। उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का और 4 अन्य नक्सलियों को भी ढेर कर दिया गया था। 2 करोड़ का इनामी बालाकृष्ण भी मारा गया छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 3 महीने पहले जवानों ने एनकाउंटर में 2 करोड़ के इनामी नक्सली मोडेम बालकृष्ण को मार गिराया था। 5 राज्यों ने बालाकृष्णा पर 2 करोड़ का इनाम रखा था। 21 मई को मारा गया बसवा राजू 21 मई को 3 जिलों नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा की सरहद पर मुठभेड़ हुई। 4 जिलों के DRG जवानों ने 2 दिनों तक इस इलाके को घेर रखा था। तीसरे दिन मुठभेड़ में नक्सलियों को मारा। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में डेढ़ करोड़ रुपए के इनामी नक्सली बसवा राजू उर्फ गगन्ना, उर्फ नम्बाला केशव राव को भी ढेर किया गया था। ……………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… शाह ने तय की थी नक्सली हिड़मा की डेडलाइन: 12 दिन पहले ही मार दिया गया 76 CRPF जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर मरेडमिल्ली जंगल में मंगलवार सुबह हुए एनकाउंटर में मारा गया है। उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का और 4 अन्य नक्सलियों को भी ढेर कर दिया गया है। बस्तर रेंज IG सुन्दरराज पी ने पुष्टि की है। पढ़ें पूरी खबर…

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