अंबेडकर नगर मामले में हाईकोर्ट जाएंगे लोग:कल फिर सुनवाई, जालंधर सेशन कोर्ट से नहीं मिल पाई राहत; लोग बोले-राजनेता नहीं निकाल रहे हल

जालंधर के चौगिट्टी के पास बसे अंबेडकर नगर में 800 के करीब घरों को अवैध और सरकारी जमीन पर होने के मामले में लोग अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे। पावरकॉम के साथ चल इस केस में लोगों को अभी जालंधर सेशन कोर्ट से किसी तरह की राहत नहीं मिल पाई है।
मोहल्ले के लोगों सुरजन सिंह, जगदीप, पवन के नेतृत्व में बनी कमेटी के सदस्यों का कहना है कि अब हाईकोर्ट में मामला उठाया जाएगा। यहां 800 घरों को उजाड़ने की योजना बनाई जा रही है। पावरकॉम के साथ हम दो बार केस जीत चुके हैं। एक बार फैसला पावरकॉम के हक में आया है। इसे हाईकोर्ट में चैलेंज किया जाएगा। कोर्ट में कल एक बार फिर होगी सुनवाई
अंबेडकर नगर की आबादी के सरकारी जमीन पर बसे होने के पावरकॉम के दावे के खिलाफ मोहल्ला कमेटी ने जालंधर सेशन कोर्ट में स्टे लगाने की अपील कर रखी है। इसकी लॉस्ट सुनवाई 28 नवंबर को थी, जिसमें कोई फैसला नहीं हो पाया। कोर्ट ने अब 1 दिसंबर की डेट दी है। लोगों का कहना है कि अगर कल भी कोई फैसला नहीं हो पाता है तो वे लोग हाईकोर्ट का रुख करेंगे। मोहल्ला निवासियों का कहना है कि राजनेता भी हल नहीं निकाल रहे
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि आम आदमी पार्टी जालंधर के नेता इस मामले को लेकर उनसे मिले थे। उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस केस को सीएम से मिलकर हल करवा दिया जाएगा। घरों को उजड़ने से बचाया जाएगा, लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। इस मामले में एक कदम भी बात आगे नहीं बढ़ पाई है। अगर इस मसले का कानूनी या फिर राजनीतिक हल नहीं निकला तो लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
27 अक्तूबर को हुई पहली सुनवाई, 4 बार पेश हो चुके
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि 27 अक्टूबर को वह केस को पहली बार कोर्ट में लेकर गए थे। तब से अब तक 4 बार पेश हो चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकाला जा रहा। केवल तारीख पर तारीख पड़ रही है। पहली बार 27 अक्तूबर दूसरी बार 14 नवंबर तीसरी बार 21 नवंबर और चौथी बार 28 नवंबर को मोहल्ले की कमेटी कोर्ट में पेश हो चुकी है। लोगों ने बताया कि कोर्ट भी कह रही है कि आप हाईकोर्ट चले जाओ।

26 अक्टूबर को घर गिराने की सूचना देने पहुंचे थे 2 कर्मचारी
जालंधर के चौगिट्टी चौक के पास बसे अंबेडकर नगर में 26 अक्टूबर 2025 को पहली बार घर गिराने और खाली करने की सूचना देने के लिए 2 लोग पहुंचे थे। मोहल्ले के सुरजन सिंह ने बताया कि था उनका नाम नहीं पता, मगर वो शायद पावरकॉम के कर्मचारी थे। उन्होंने कहा था कि जिस जमीन पर घर बने हैं, वो 65 एकड़ जमीन पावरकॉम की है और इसे खाली कर दिया जाए, नहीं तो घर गिरा दिए जाएंगे। इसके बाद लोग डर गए और स्टे के लिए जालंधर सेशन कोर्ट का रुख किया। अंबेडकर नगर के सुरजन सिंह से मुलाकात हुई तो उन्होंने बताया कि 1986 से बिजली बोर्ड के साथ केस चल रहा है। 2 बार हम केस जीत चुके हैं। चौथी पीढ़ी यहां पर रह रही है। करीब 800 घर यहां हैं। अब उजड़ जाएंगे तो कहां जाएंगे।

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