रायसेन जिले के सांची में महाबोधि महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को अस्थि कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा दोपहर 2 बजे चैत्यगिरी बिहार मंदिर से शुरू हुई, जिसमें हजारों बौद्ध अनुयायी शामिल हुए। महाबोधि सोसाइटी के तपस्वी स्वामी महाराज ने भगवान बुद्ध के परम शिष्य सारीपुत्र और महामुगलायन के अस्थि कलश को अपने सिर पर रखकर मुख्य स्तूप की परिक्रमा की। इस दौरान विभिन्न देशों से आए बौद्ध अनुयायियों ने ‘साधु-साधु’ का जयघोष किया। परिक्रमा संपन्न होने के बाद अस्थि कलश को वापस चैत्यगिरी बिहार मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा गया। यातायात को लेकर की गई थी व्यवस्था यह आयोजन प्रतिवर्ष महाबोधि सोसाइटी और जिला प्रशासन के सहयोग से होता है। इस वर्ष भी मेले के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था की थी। सांची के मुख्य मार्ग पर वाहनों को एक तरफ से निकाला जा रहा था और यातायात पुलिसकर्मी तैनात थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात किए गए थे। पार्किंग व्यवस्था और मंदिर के बाहर भी पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था। इस आयोजन के नोडल अधिकारी एसडीएम मनीष शर्मा, एसडीओपी प्रतिभा शर्मा, तहसीलदार भरत मंड्रे सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे। आयोजन से जुड़ी तस्वीरें देखिए-


