बालाघाट जिले के किरनापुर क्षेत्र में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सिरका-मोजाडेरा और अलीटोला के जंगलों से दो अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए नक्सली डंप बरामद किए हैं। मार्च 2026 तक देश से नक्सलियों के खात्मे की तय समय-सीमा के बाद, जंगल में सुरक्षाबलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बालाघाट जिले सहित सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई से नक्सली दबाव में हैं। जिले में हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा, जिला पुलिस बल और बीडीडीएस की टीमें लगातार जंगलों में सर्चिंग अभियान चला रही हैं। बीडीडीएस और डॉग स्क्वॉड की मदद से नक्सलियों के ठिकानों और विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा रहा है। आशीष शर्मा की शहादत के बाद से अभियान तेज हॉकफोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की शहादत के बाद से, जिले में सुरक्षाबल नक्सलियों के खात्मे के लिए पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि सीमावर्ती राज्यों की टीमों के साथ नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा। ये सामान जब्त किया पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि बरामद डंप से बीजीएल के 6 पैकेट, 11 लॉन्चर राउंड, .303 बोर के 9 जिंदा कारतूस, 12 बोर के 3 जिंदा और 9 खाली कारतूस मिले हैं। इसके अतिरिक्त, एक वायरलेस सेट, 4 एंड्रॉयड और 4 कीपैड मोबाइल फोन, 14 पेनड्राइव, 17 मेमोरी कार्ड और 2 सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। बरामद सामग्री में दवाएं, नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी शामिल हैं। जिले में लंबे समय बाद पुलिस को यह बड़ी बरामदगी हाथ लगी है।


