दूनी थाना क्षेत्र के आवां कस्बे में शनिवार शाम को खाना बनाते समय गैस सिलेंडर भभक उठा। उसके आग की लपटों से झोपड़ी में आग लग गई। इसकी चपेट में खाना बना रही महिला भी आ गई। उसने चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और महिला को झुलसी अवस्था में बाहर निकालकर दूर ले गए। कुछ देर बाद ही झोपड़ी में गैस सिलेंडर भी धमाके के साथ फट गया। उसके बाद दहशत का माहौल बन गया। उधर, इसका पता लगने के बाद आवां सरपंच दिव्यांश महेंद्र भारद्वाज भी मौके पर पहुंचे और उसे अपनी कार से दूनी अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद टोंक रेफर कर दिया। सरपंच दिव्यांश एम भारद्वाज, महावीर चतुर्वेदी, ग्रामीण राजकुमार पांचाल, कॉलेज लेक्चरर डॉक्टर हेमराज चंदेल आदि ने बताया कि आवां कस्बे के सीतापुरा रोड के पास करीब पांच साल से एक महिला बूंदी जिले के दबलाना थाना क्षेत्र के रानीपुरा निवासी हीरा गुर्जर (45) एक झोपड़ी में रह रही थी। वह अकेली रहती थी। सामने आया है कि वह परिवार से आपसी मुनमुटाव के चलते आवां में एक झोपड़ी में किराये से रह रही थी। शनिवार को शाम करीब साढ़े छह बजे खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। इससे झोपडी ने भी आग पकड़ ली। आग से महिला हीरा गुर्जर भी बुरी तरह झुलस गई। उसके चोटें भी आई हैं। उसके चिल्लाने पर लोग दौड़े और उसे बाहर निकाल कर दूर ले गए। महिला गरीब है। वह झोपड़ी के बाहर चाय बनाकर उसे बैच अपना पालन कर रही थी।


