राहत…. सामाजिक संस्थाएं गरीबों में बांट रही है कंबल बोकारो में ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। दिसंबर जैसी ठंड नवंबर में रही। 30 नवंबर को 14 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। 02 दिसंबर को 10 डिग्री हो जाएगा। कड़ाके की ठंड में अब तक गरीबों को कंबल नहीं मिला, जबकि चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं हुई है। इसके कारण राहगीर और गरीब तबके के लोग ठंड झेल रहे हैं। इधर, जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार सरकार ने कंबल के लिए फंड उपलब्ध करा दिया है। 6 दिसंबर तक टेंडर पूरा हो जाएगा, 8 दिसंबर से कंबल वितरण शुरू हो जाएगा, जबकि सोमवार से चौक-चौराहों पर अलाव जलाने के लिए सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। जानकारी के अनुसार पिछले साल 54 हजार कंबल का वितरण किया गया था। लेकिन इस बार 52 हजार कंबल का टेंडर किया जाएगा। पिछले साल से 2 हजार कंबल तो कम बंटेंगे, लेकिन कुल मिलाकर ठंड में जरूरतमंदों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के बीच एलुमनी एसोसिएशन ने किया कंबल वितरण : चिन्मय विद्यालय बोकारो एलुमनी एसोसिएशन से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों ने चास-बोकारो के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण किया। पूर्व विद्यार्थियों ने एक साथ आकर फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के बीच कंबल बांटा। इसमें विद्यालय के सभी पूर्व छात्रों ने अपना सहयोग दिया। एसोसिएशन के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष रंजीत, मनीष कुमार और सचिव शशिकांत शामिल थे। साथ ही, कंबल वितरण में एसोसिएशन के सदस्यों में अभिषेक मिश्रा, गौतम, शैबाल गुप्ता, सोनाली गुप्ता, चंदन बांठिया, अमृता प्रीतम, तथागत पांचाल, सुमन सौरभ और सचिन कुमार शामिल थे। 8 दिसंबर के बाद कंबल कंबल वितरण किया जाएगा : डीसी खान-पान में परहेज जरूरी इधर, अस्पतालों में वायरल फीवर और निमोनिया के मरीज बढ़ रहे सदर अस्पताल, बोकारो में वायरल फीवर व निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। विदित हो कि बीते पांच दिनों से बोकारो जिले के तापमान में प्रत्येक दिन एक से दो डिग्री सेल्सियस फ्लेक्चुएट किया है। तापमान फ्लेक्चुएट होने के कारण निमोनिया व वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं। सदर अस्पताल के ओपीडी में लगभग 550 मरीज आते हैं। इनमें से लगभग 125 मरीज वायरल फीवर, 15 से 20 बच्चे और लगभग 10-15 बुजुर्ग व महिला मरीज निमोनिया से ग्रसित आ रहे हैं। बीते पांच दिनों में मौसम में लगातार होने वाले परिवर्तन होने से इन मरीजों की संख्या में पूर्व के अपेक्षा 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जिन मरीजों की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम है। वैसे ही मरीजों के शरीर, सिर में दर्द, कै-दस्त, पेट दर्द के अलावा बच्चों और बुजुर्गों में इम्युनिटी पावर कम होने के कारण निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। ठंड के मौसम में खान-पान में परहेज जरूरी है। जबकि गर्म कपड़े नहीं पहनने पर कोल्ड स्टोक का खतरा रहता है। तला हुआ भोजन, चाट-पकौड़े तथा ठंड पेय पदार्थों का सेवन इस मौसम में रोग का कारण बनते हैं। ऐसे तेलीय पदार्थ वाले खाद्य पदार्थों और ठंड पेय वाले खाद्य पदार्थों के खाने-पीने से अनपच होने के कारण अक्सर फूड पॉवाइजनिंग, बदहजमी के कारण कै-दस्त और पेट में व निमोनिया होने का खतरा ज्यादा रहता है। 270 260 120 110 90 140 120 270 270 250 ऐसे घटा-बढ़ा रहा 5 दिन का तापमान 30 नवंबर 29 नवंबर 28 नवंबर 27 नवंबर 26 नवंबर न्यूनतम अधिकतम भास्कर एक्सक्लूिसव


