दिसंबर की बिजली खपत में मिलेगा 200 यूनिट पर हाफ का लाभ

भास्कर न्यूज | धमतरी बिजली बिल हाफ योजना का लाभ हितग्राहियों को जनवरी महीने में मिलेगा। दिसंबर महीने के बिजली बिल की गणना जनवरी में होगी, जिसमें 200 यूनिट पर हाफ का लाभ मिलेगा। फिलहाल नवंबर महीने में उपयोग हुए बिजली खपत के आधार पर 100 यूनिट तक हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। इसके ऊपर होने पर हाफ के दायरे से बाहर हो जाएंगे। हितग्राहियों को दिसंबर महीने में भी भारी भरकम बिजली बिल जमा कराना होगा। सरकार ने अगस्त 2025 से 400 यूनिट हाफ में कटौती करते हुए इसे 100 यूनिट कर दिया था। इससे जिले के 80 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता बिजली बिल हाफ योजना से बाहर हो गए थे। लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। लगातार विरोध के बाद सरकार ने बिजली बिल हाफ को 200 तक बढ़ा दिया है। इसे दिसंबर महीने से लागू किया जाएगा। दिसंबर महीने के बिजली खपत का बिल जनवरी में आएगा, जिसमें 200 यूनिट के अंदर खपत करने पर 100 यूनिट का बिल देना होगा। 200 से अधिक होने से हाफ के लाभ से बाहर हो जाएंगे। पूरे खपत का बिल देना होगा। अगस्त 2025 के पूर्व घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना का लाभ मिल रहा था। 400 यूनिट तक छूट मिली थी। 410 यूनिट खपत होने पर 400 यूनिट तक हाफ का लाभ मिलता था, बाकी 10 यूनिट की राशि पूरी देनी होती थी। अब नियम में बदलाव कर दिया गया है। हाफ के लाभ में कटौती करने के साथ ही योजना में भी बदलाव कर दिया है। धमतरी संभाग के ईई अनिल सोनी ने कहा कि 200 यूनिट तक ही हाफ का लाभ मिलेगा। इसकी स्पॉट बिलिंग जनवरी में शुरू होगी। दिसंबर महीने में 100 यूनिट पर ही हाफ का लाभ मिलेगा। 201 यूनिट खपत होने पर पूरा बिल देना होगा। इसमें 200 यूनिट तक हाफ का लाभ नहीं मिलेगा। { जिले में अब तक 2 लाख 23 हजार बिजली घरेलू हितग्राही। 6 साल में 120 करोड़ रुपए का लाभ हितग्राहियों को मिला चुका। { दिसंबर 2025 से 200 यूनिट पर हाफ में की जाएगी गणना। { 201 यूनिट जलने पर योजना से बाहर हो जाएंगे हितग्राही। जिले में धमतरी व कुरूद संभाग अंतर्गत 2.23 लाख उपभोक्ता है। इनमें धमतरी संभाग में 1.27 लाख उपभोक्ता है। इनमें से बिजली बिल हाफ योजना के तहत 92 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को हर महीने हाफ का लाभ मिलता था। अब 70 हजार से अधिक उपभोक्ता योजना से बाहर हो चुके हैं। 6 साल में करीब 70 करोड़ रुपए से अधिक का छूट मिल चुका है। कुरूद संभाग में 96 हजार उपभोक्ता है, जिनमें से 6 साल में ही करीब 50 करोड़ से अधिक का छूट मिल चुका है।

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