भास्कर न्यूज | रायगढ़/तमनार जिंदल फाउंडेशन, जेपीएल तमनार द्वारा बहुउद्देश्यीय स्वावलंबन परियोजना अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी और स्वावलंबी बनाने के लिए मशरूम उत्पादन परियोजना संचालित की जा रही है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। इस परियोजना से न केवल रायगढ़ बल्कि जशपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिले की महिलाएं भी लाभान्वित हो रही हैं। फाउंडेशन से प्रशिक्षित 1800 से अधिक महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर मशरूम उत्पादन को आजीविका का माध्यम बनाया है। सत्र 2014 से शुरू हुई इस परियोजना से जुड़कर महिलाओं ने अब तक लगभग 9000 किलो मशरूम का उत्पादन कर 3.70 करोड़ रुपए की बिक्री की है। ग्रामीण किसानों का समूह तमनार मशरूम समाहित समूह की देखरेख में छत्तीसगढ़ राज्य की आधुनिक स्पॉन निर्माण इकाई संचालित है, जहां प्रतिदिन 800 पैकेट मशरूम बीज तैयार किए जा रहे हैं। इन बीजों की आपूर्ति जशपुर, कोरबा, बिलासपुर जिलों के साथ ओडिशा के विभिन्न जिलों में की जा रही है। अब तक 1.50 लाख पैकेट मशरूम बीज का निर्माण और बिक्री कर 33 लाख रुपए की आय अर्जित की गई है। जिंदल फाउंडेशन की इस परियोजना से महिलाएं मशरूम उत्पादन कर अपने और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही हैं। 11 स्व-सहायता समूह की 120 महिलाएं पहल से जुड़ीं तमनार क्षेत्र के 11 स्व सहायता समूह की 120 से अधिक महिलाएं और व्यक्तिगत रूप से 500 महिलाएं एवं किसान मशरूम उत्पादन गतिविधि में संलग्न होकर अपने परिवार की आर्थिक उन्नति कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष, सीएसआर जेपीएल तमनार ऋषिकेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा स्वावलंबन के लिए मशरूम उत्पादन का चयन सराहनीय कदम है।


