भास्कर न्यूज | धमतरी डॉ. शोभाराम देवांगन शासकीय उमावि स्कूल व जिला जेल धमतरी में संविधान दिवस पर कानूनी जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को संविधान की मूल भावना तथा आवश्यक विधिक प्रावधानों की समझ देना था। जिला एवं सत्र न्यायालय धमतरी में न्यायिक अधिकारी एवं सभी न्यायिक कर्मचारी द्वारा संविधान निर्माताओं को नमन कर प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। अपर जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नमिता मिंज ने आदर्श शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास धमतरी में मुख्य वक्ता रहीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धमतरी सचिव नेहा उसेंडी शोभाराम देवांगन स्कूल की मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने छात्रों को संविधान के मूल सिद्धांत न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व-के बारे में प्रेरक जानकारी दी। जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कुछ विधिक जानकारी, जिनमें बाल विवाह की रोकथाम, दंडात्मक प्रावधान और इससे बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव, साइबर बुलिंग, फेक प्रोफाइल, निजी डेटा की सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, पॉक्सो एक्ट-बच्चों को लैंगिक शोषण से पूर्ण सुरक्षा देने वाला कड़ा कानून एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया, छग टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम-टोनही प्रथा, जादू-टोना या टोना-टोटका के नाम पर होने वाली हिंसा, उत्पीड़न को रोकने समेत अन्य जानकारी दी गई। सचिव नेहा उसेंडी ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश का नैतिक मार्गदर्शक है और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह इसके मूल मूल्यों का पालन करें।


