छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिलाने भेजे गए प्रस्ताव में है तकनीकी त्रुटियां

भास्कर न्यूज | बेमेतरा छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का स्थापना दिवस रायपुर स्थित संस्कृति विभाग के सभागार भवन में मनाया। मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल थे। अध्यक्षता सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथि विधायक पुरेन्दर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, फिल्म विकास बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन और साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शिरीष शर्मा थे। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए उसे आठवीं अनुसूची में शामिल करना आवश्यक है। इस संबंध में विधानसभा से प्रस्ताव पूर्व में दिल्ली भेजा गया था पर तकनीकी त्रुटि के कारण वापस आ गया। त्रुटियों को संशोधित कर प्रस्ताव जल्द ही दोबारा भेजा जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा मिल सके। चर्चा गोष्ठी, पुस्तक विमोचन, पुस्तक मेला सहित वरिष्ठ साहित्यकारों का सम्मान किया गया। बेमेतरा जिले से राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक रामानंद त्रिपाठी सहित 25 से अधिक कवि एवं साहित्यकारों ने सहभागिता की। मंच पर कविता पाठ प्रस्तुत किया। बेमेतरा से डॉ. गोकुल बंजारे चंदन, कवि कृष्णा भारतीय, ईश्वर साहू, जगदीश सोनी, रमेश चौहान, मनोज श्रीवास्तव, मनोज पाटिल मणि, हरीश पटेल, पंकज शर्मा, हेमशंकर पाटिल, बिशाल ध्रुवे गंवइहा, संतोष साहू, तारकेश्वर साहू, विकाश कश्यप, दिलीप टिकरिहा, सुरेश निर्मलकर, नरेन्द्र साहु, मूलचंद साहु, ह्रदय विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

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