छात्राओं को तनाव मुक्त रहने व आत्म-जागरूकता का प्रशिक्षण

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर होली क्रॉस वीमेंस कॉलेज अंबिकापुर के समाज कार्य विभाग और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला इमोशनल वेल बीइंग फॉर यंग माइंड्स विषय पर आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य युवा छात्राओं को भावनात्मक संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के लिए तैयार करना था। कार्यशाला के प्रथम दिवस पर मुख्य वक्ता पी. अतीत राव, नर्स अधिकारी (रायगढ़) ने युवाओं में भावनात्मक संतुलन के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवावस्था में भावनात्मक संतुलन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दौरान व्यक्तित्व और निर्णय-क्षमताओं का विकास होता है, जिससे युवा चुनौतियों का बेहतर सामना कर पाते हैं। कार्यशाला में छात्राओं को आत्म जागरूकता और भावनाओं की पहचान, तनाव से निपटने की रणनीतियां, भावनात्मक लचीलापन विकसित करने के तरीके, संचार कौशल, नेतृत्व, और संघर्ष समाधान के विषय पर प्रशिक्षण दिया गया कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों को पौधा भेंट कर किया गया। उप प्राचार्य डॉ. सि. मंजू टोप्पो और मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विमल चंद्र पैकरा ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत बी.कॉम की छात्राओं द्वारा मानसिक अस्वस्थता से संबंधित मोनो एक्ट से हुई। पूरे सत्र में रिसोर्स पर्सन द्वारा छात्राओं को अपने इमोशंस को रेगुलेट करना सिखाया गया। अंत में, उप प्राचार्य द्वारा रिसोर्स पर्सन मिस्टर पी. अतीत राव को सम्मानित किया गया और छात्राओं को भविष्य के जीवन में इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने और स्वस्थ रहने की सलाह दी गई।

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