शीतलहर और पाले के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए मुरैना प्रशासन ने शनिवार को विशेष दिशा-निर्देश जारी कर दिए। इन निर्देशों में न केवल ठंड से सुरक्षा के उपाय बताए गए हैं बल्कि आकस्मिक स्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी जोर दिया गया है। स्वास्थ्य पर प्रभाव कम करने के लिए नागरिकों को गर्म कपड़ों की कई परतें पहनने, घर के अंदर रहने और यात्रा को यथासंभव सीमित करने की सलाह दी गई है। विटामिन सी युक्त फलों और गर्म तरल पदार्थों का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। इसके साथ ही बंद कमरे में कोयले की अंगीठी या अलाव का उपयोग न करने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इससे खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का उत्सर्जन हो सकता है। फ्रॉस्टबाइट और हाइपोथर्मिया के लक्षण
शीतलहर के दौरान अंगों में सफेदी या सुन्नता, कंपकंपी, मांसपेशियों में अकड़न, बोलने में कठिनाई और नींद जैसी समस्याएं देखी जा सकती है। प्रशासन ने बताया है कि फ्रॉस्टबाइट या हाइपोथर्मिया जैसी स्थितियों में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। प्रभावित व्यक्ति को गर्म कपड़ों में लपेटकर सुरक्षित स्थान पर रखें और गर्म पेय पदार्थ दें। क्या करें और क्या न करें? क्या करें क्या न करें शीतलहर के जोखिम से रहें सतर्क
शीतलहर के दौरान नाक बहने, बंद होने, फ्लू और खून निकलने जैसे लक्षणों को हल्के में न लें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि मौसम से संबंधित पूर्वानुमान पर नजर रखें और ठंड के दौरान अपने घरों में आवश्यक सामान जैसे कि राशन और दवाओं का प्रबंध कर लें।


