इंदौर के रालामंडल बायपास पर चाइना डोर की चपेट में आने से 8वीं कक्षा के छात्र गुलशन की मौत हो गई। हादसा रविवार को कनाड़िया थाना इलाके में तेजाजी नगर बायपास पर हुआ। नाबालिग अपने भाई अरुण, दोस्त विशाल और कृष्णा के साथ बाइक से रालामंडल घूमने गया था। लौटते वक्त रास्ते में अचानक पतंग का मांझा गुलशन की गर्दन में फंस गया। इससे उसे गहरा कट लगा। साथी उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रतिबंध के बावजूद इंदौर में चाइना डोर का उपयोग हो रहा है। इंदौर के वरिष्ठ फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. भारत वाजपेयी इस घटना को असाधारण और बेहद दुर्लभ मानते हैं। डॉ वाजपेयी ने 18 सालों में 15 हजार पोस्टमॉर्टम कर चुके हैं। उनका नाम ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज है। फोरेंसिक एक्सपर्ट बोले-गर्दन का इतना गहरा कटाव बेहद दुर्लभ डॉ. वाजपेयी के अनुसार- वे कहते हैं कि हजारों पोस्टमॉर्टम करने के बावजूद उन्होंने चाइना डोर से गर्दन का इतना भयानक कटाव पहले कभी नहीं देखा। डोर नहीं मिली, पतंगबाजों का भी कोई सुराग नहीं एसीपी राजेश बिलवाल ने घटनास्थल की जांच की, लेकिन पुलिस को न तो चाइना डोर मिली और न ही किसी पतंगबाज के बारे में जानकारी। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की गई, पर कोई सुराग नहीं मिला।
घायल गुलशन को पहले जिस निजी अस्पताल ले जाया गया था, उसके बारे में भी साथियों को स्पष्ट जानकारी नहीं है। टीआई देवेंद्र मरकाम के मुताबिक, अभी यह भी पता नहीं चल पाया है कि डोर चाइना थी या सामान्य पतंग की डोर। पुलिस ने साथियों के लिए बयान पुलिस ने गुलशन के साथियों के बयान लिए। उन्होंने बताया रविवार शाम गुलशन अपने तीन दोस्तों के साथ रालामंडल से लौट रहा था। बाइक गुलशन चला रहा था और उसके पीछे अरुण, नंदू और कृष्णा बैठे थे। जैसे ही यह लोग डी मार्ट के पास पहुंचे, अचानक एक पतंग की डोर तेज गति से चलते गुलशन के गले से टकराई। गला कटते ही गुलशन बाइक पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। साथियों ने डोर हटाने की कोशिश की तो उनकी उंगलियां भी गहराई से कट गईं। तभी एक कार सवार परिवार ने मदद की और सभी को निजी अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोट के चलते इलाज नहीं किया गया और बाद में एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों ने गुलशन को मृत घोषित कर दिया। इंदौर में कई स्थानों पर पतंग और डोर की बड़ी मार्केट इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में काछी मोहल्ला, अन्नपूर्णा रोड, मल्हारगंज, भंवरकुआं, जवाहर मार्ग, खजराना, रानीपुरा, तेजाजी नगर, विजय नगर, पाटनीपुरा और मालवा मिल पतंग और डोर की सैकड़ों दुकानें हैं। सूत्रों का दावा है कि पुलिस की सख्ती के बावजूद पुराने स्टॉक से चाइना डोर अभी भी चोरी-छिपे बेची जा रही है। छात्र की मौत के बाद रात में पुलिस ने छापेमारी कर डेढ़ सौ से ज्यादा चाइना डोर के बंडल जब्त किए। सावधानी जरूरी-पतंगबाजी क्षेत्रों में वाहन चालक रहें सतर्क विशेषज्ञों का कहना है, ऐसी घटनाएं अप्रत्याशित होती हैं और किसी के साथ भी हो सकती हैं। सिर्फ चाइना डोर ही नहीं, साधारण पतंग की डोर भी तेज होती है और हादसे कर सकती है। वाहन चालक, खासकर दोपहिया सवार, पतंगबाजी वाले क्षेत्रों से गुजरते समय सतर्क रहें। ये खबर भी पढ़ें… चाइनीज मांझे से कटी गर्दन, 8वीं के छात्र की मौत इंदौर में चाइनीज मांझे ने 16 साल के छात्र की जान ले ली। हादसा रविवार को कनाड़िया थाना इलाके में तेजाजी नगर बायपास पर हुआ। पूरी खबर पढ़ें…


