ज्योतिष बोले- 28 साल के बाद ही करें शादी:जोड़ियों के बीच सहनशीलता कम हुई; ग्रहों के प्रभाव से टूट रहे रिश्ते

शादी के लिए कुंडली मिलान करने में ज्योतिषियों का ट्रेंड बदल रहा है। अब ज्योतिष सलाह दे रहे हैं कि 28 के बाद ही शादी करें क्योंकि शादियों के टूटने के तेजी से बढ़ते मामलों के पीछे वे मंगल, शनि और राहु जैसे क्रूर ग्रहों की बढ़ी हुई चाल को मानते हैं। 28 साल की उम्र के बाद जब इन ग्रहों का प्रभाव कम हो जाता, तब ही शादी करनी चाहिए। यह बात सामने अखिल भारतीय प्राच्य ज्योतिष शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष शोध संगोष्ठी के पहले दिन ज्योतिष विद्वानों ने कही। आयोजन सचिव डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन, उदयपुर के सहयोग से पहले दिन निशुल्क परामर्श शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें आमजन ने ज्योतिष विद्वानों से अपने ग्रह दोषों का निशुल्क निदान प्राप्त किया। यह शिविर शनिवार को भी आयोजित होगा। संयोजक पं. चंद्रशेखर शर्मा ने जानकारी दी कि पहले दी मकान के सही योग कौनसे होते हैं, उन पर चर्चा की गई। पहले दिन ज्योतिष विद्वान दीपक चोपड़ा, मनोज जैन, भाविन बी. देसाई, पुष्पा जोशी, पं. सत्यनारायण शर्मा, महेन्द्रनाथ मूंधड़ा, शुभम शर्मा, प्रमोद तिवारी, मुकेश शास्त्री, लक्ष्मी राय, ललित मोहन कगड़ियाल, दामोदर बंसल, राजेन्द्र प्रसाद जैन, दिवाकरण कुप्पाकट्टू, सुरेश त्रिपाठी, प्रणय कुमार दास, संकेतराज भारद्वाज, दिवाकर दिनेश गौड़ सहित अन्य विशेषज्ञों ने पत्रवाचन किया। नई दिल्ली से आए हरिप्रकाश शर्मा ने बताया कि विश्व में मंगल, शनि और राहु की गति बढ़ने के कारण प्रभाव बढ़ गया है। इससे जोड़ियों के बीच सहनशीलता बहुत कम हो गई है। हालांकि 28 की उम्र पार करने के बाद इन ग्रहों का प्रभाव विवाह के संदर्भ में कम हो जाता है और बृहस्पति ग्रह का प्रभाव बढ़ जाता है जो परिपक्वता-ज्ञान का ग्रह माना जाता है। इसीलिए 28 के बाद शादी हो तो बेहतर चलेगी। 36 गुण भी मिल जाएं तो भी दाम्पत्य जीवन प्रभावित
मेवाड़ विजय पंचांग के गणितकर्ता पं. चंद्रशेखर शर्मा डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि विवाह के लिए जरूरी सर्वश्रष्ठ 36 गुण मिल भी जाएं तो भी ग्रहों की दशा से दाम्पत्य जीवन प्रभावित हो सकता है। मनुष्य के जीवन से लेकर उससे जुड़े तमाम पहलुओं पर ग्रहों की चाल असर डालती है। एक आदर्श विवाह के अटूट रिश्ते के लिए लडके-लडकी के जरूरी 36 गुण मिल भी जाएं, तो भी ग्रहों की दशा आगे के जीवन में खटास उत्पन्न कर सकती है। दोनों की कुंडली में 12 भाव व 9 ग्रहों में से यदि दो ग्रह भी अच्छे स्थान पर हों तो दाम्पत्य जीवन खुशहाल व्यतीत हो सकता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *