शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता प्रिंसिपल सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी कंचनप्रीत कौर को रविवार सुबह 4 बजे अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया। रिहाई के तुरंत बाद शिअद ने घोषणा की है कि कंचनप्रीत कौर आगामी जिला परिषद चुनाव में जोन कसेल से पार्टी की उम्मीदवार होंगी। उन्होंने इस संघर्ष में साथ देने वाली शिअद लीडरशिप का आभार भी जताया। इस अवसर पर पूर्व सी.पी.एस. विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि कंचनप्रीत कौर ने पंजाब सरकार की “धक्केशाही” का डटकर विरोध किया है। उन्होंने तरनतारन उपचुनाव में भी इस “धक्केशाही” के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। कंचन प्रीत ने जताया आभार शिअद की पूरी टीम ने फैसला किया है कि पार्टी के कठिन समय में मजबूती से खड़ी रहने वाली और अपनी मां प्रिंसिपल सुखविंदर कौर रंधावा की चुनावी मुहिम संभालने वाली कंचनप्रीत कौर को जिला परिषद का चुनाव लड़वाया जाए। कंचनप्रीत कौर ने विरसा सिंह वल्टोहा से आशीर्वाद लेते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें अब तक जो सम्मान दिया है, उसके लिए वह हमेशा ऋणी रहेंगी। रिहा होते ही हरिमंदिर साहिब में टेका मत्था रविवार सुबह 4 बजे रिहा होने के बाद कंचनप्रीत कौर श्री हरिमंदिर साहिब, अमृतसर पहुंचीं और गुरु साहिब का शुकराना किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की मेहर से ही उन्हें हौसला मिलता है। इस दौरान उन्होंने गुरबाणी कीर्तन सुना और सरबत के भले की अरदास भी करवाई।


