प्रो. भरत भास्कर बोले- केस स्टडी प्रबंधन शिक्षा का आधार:बिमटेक में आईसीएमसी 2025 का समापन

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक), ग्रेटर नोएडा ने हाल ही में 14वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैनेजमेंट केसेज़ (आईसीएमसी 2025) का आयोजन किया। यह सम्मेलन शिक्षण और शोध आधारित केस स्टडीज तथा केस राइटिंग को बढ़ावा देने वाला एक वैश्विक मंच है, जो शिक्षा जगत और उद्योग के बीच संवाद को मजबूत करता है। सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (आईआईएम अहमदाबाद) के निदेशक प्रो. भरत भास्कर की विशिष्ट उपस्थिति में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने केस-आधारित शिक्षण पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे प्रबंधन शिक्षा का आधार बताया। प्रो. भरत भास्कर ने कहा, केस स्टडी पद्धति प्रबंधन शिक्षा का मूल है। आज के गतिशील व्यावसायिक वातावरण में इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि विद्यार्थी इसी के माध्यम से निर्णय लेने की वास्तविक समझ प्राप्त करते हैं। वायोलेटा गैलाघर बोले- केस शिक्षकों को ऐसे केस लाने होंगे जो उनके अनुभवों और वास्तविकताओं से मेल खाते हों इस वर्ष आईसीएमसी में दो प्रमुख की-नोट सत्र आयोजित हुए। पहले सत्र में आइवी पब्लिशिंग की प्रोडक्ट एवं पब्लिशिंग डायरेक्टर वायोलेटा गैलाघर ने उच्च गुणवत्ता वाली केस स्टडीज की वैश्विक अपेक्षाओं और केस लेखकों के कौशल-विकास पर विस्तृत चर्चा की। दूसरे सत्र में सेज के सीनियर मैनेजिंग एडिटर राहुल कुमार शर्मा ने केस प्रकाशन के बदलते परिदृश्य, संपादकीय प्रक्रिया और प्रैक्टिस-आधारित केस स्कॉलरशिप में उभरते अवसरों पर अपने विचार साझा किए। वायोलेटा गैलाघर ने कहा- आज के विद्यार्थी समावेशिता, न्याय, स्थिरता और नैतिकता को गहराई से महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि केस शिक्षकों को ऐसे केस लाने होंगे जो उनके अनुभवों और वास्तविकताओं से मेल खाते हों। राहुल कुमार शर्मा ने प्रकाशन जगत में ईमानदारी के महत्व पर बल देते हुए कहा कि केस लेखकों और शोधकर्ताओं को अपने कार्य में उच्च नैतिक मानकों का पालन करना चाहिए। इस अवसर पर बिमटेक की निदेशक डॉ. प्रवीणा राजीव ने कहा- पिछले 14 वर्षों से आईसीएमसी, बिमटेक की सार्थक केस शोध और प्रैक्टिस-आधारित प्रबंधन शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष प्रस्तुत विविध केस स्टडीज और गहन चर्चाएं व्यवसाय और समाज की बदलती वास्तविकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं, जो प्रभावी ज्ञान-सृजन में सम्मेलन की उत्प्रेरक भूमिका को और सुदृढ़ करती हैं। जापान, अमेरिका सहित 100 से अधिक केस लेखक और प्रबंधन विशेषज्ञ शामिल हुए सम्मेलन में भारत, जापान, अमेरिका, थाईलैंड, लिथुआनिया, फ़िनलैंड और यूएई सहित अनेक देशों के 100 से अधिक केस लेखक और प्रबंधन विशेषज्ञ शामिल हुए। चौदह विषयगत ट्रैकों में 70 से अधिक शिक्षण एवं शोध-आधारित केस स्टडीज प्रस्तुत की गईं, जिनमें नेतृत्व, मानव व्यवहार, स्थिरता, रणनीतिक नवाचार और परिवर्तन प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *