बड़वानी शहर से रविवार को शुरू हुई पंचकोशी पदयात्रा सोमवार को धार जिले में प्रवेश कर गई। यात्रा के दूसरे दिन पदयात्रियों ने नाव और एनडीईआरएफ की बोट की मदद से नर्मदा नदी पार की। सुबह पालिया बसाहट से पदयात्री स्नान-पूजन कर ‘नर्मदे हर’ के जयघोष के साथ आगे बढ़े। सौंदूल पुनर्वास मार्ग से भामटा होते हुए बड़वानी जिले के अंतिम छोर ग्राम जांगरवा पहुंचे। यहां से उन्होंने नर्मदा पार कर धार जिले के मेघनाथ तीर्थ पर शीष नवाए। नर्मदा पंचकोसी पदयात्रा समिति के देखरेख में निकली इस यात्रा के दौरान करीब 4 घंटे में पदयात्रियों ने नावों के माध्यम से नर्मदाजी पार की और धार जिले के डेहर में प्रवेश किया। इस दौरान ग्रामीणों ने नावों से पदयात्रियों की सेवा की। तीसरे दिन धुलसर से कटनेरा होते गेबीनाथ मठ पहुंचेंगे मेघनाथ तीर्थ पर आश्रम और मंदिर दर्शन के बाद पदयात्री पीपरीपुरा दुर्गा मंदिर दर्शन कर चंदनखेड़ी होते हुए नवादपुरा कोणदा पहुंचे। दोपहर में स्वल्पाहार के बाद वे चंदनखेड़ी, हेलादड़ होते हुए भंवरिया में रात में विश्राम करेंगे। नर्मदांचल पंचकोशी पदयात्रा समिति के शंकरलाल यादव और शंकरसिंह कौचे ने बताया कि पांच दिवसीय राजघाट-कोटेश्वर नर्मदा पंचकोशी पदयात्रा तीसरे दिन मंगलवार को धार जिले के धुलसर मार्ग से कटनेरा होते हुए प्राचीन सिद्धक्षेत्र और अम्बे मां के दर्शन कर गेबीनाथ मठ आश्रम पहुंचेगी। यहां स्वामी महंत 108 रामदास त्यागीजी द्वारा स्वल्पाहार कराया जाएगा। इसके बाद निसरपुर बसाहट मार्ग से कड़माल सांई मंदिर में रात्रि विश्राम होगा। इस परिक्रमा में बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु शामिल हैं, जो मां नर्मदा के प्रति आस्था के कारण प्रति वर्ष भाग लेते हैं। वहीं, कई श्रद्धालु अपनी मान-मन्नते पूर्ण होने पर इस परिक्रमा में सहभागिता कर रहे हैं। मामले में जुड़ी ये खबर भी पढ़े… मां नर्मदा पंचक्रोशी पदयात्रा का 137वां संस्करण शुरू; पांच दिनों तक चलेगी यात्रा मां नर्मदा पंचक्रोशी पदयात्रा समिति के देखरेख में शुलपाणी झाड़ी की 137वीं पांच दिवसीय पदयात्रा रविवार सुबह शुरू हुई। ‘नर्मदे हर’ के जयघोष के साथ हजारों परिक्रमावासी बड़वानी के मुख्य मार्ग से होते हुए नर्मदा क्षेत्र कल्याणपुरा की ओर रवाना हुए। इस पदयात्रा में बड़वानी सहित अन्य जिलों के श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। पढ़े पूरी खबर…


