उमरिया में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर सोमवार को जिला मुख्यालय के कालरी स्कूल में गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक पाठ आयोजित किया गया। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों ने एक साथ गीता पाठ कर सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। कार्यक्रम में विधायक शिवनारायण सिंह, शहडोल संभाग की आयुक्त सुरभि गुप्ता और कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और स्कूल के छात्र भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। आयुक्त सुरभि गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन करने वाला ज्ञान-ग्रंथ है। उन्होंने बताया कि गीता जीवन के रहस्य और कठिन परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने की सीख देती है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को गीता का महत्व समझाया जा सकता है, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उतनी ही है, जितनी महाभारत काल में थी। गीता पाठ शांति और सकारात्मकता प्रदान विधायक शिवनारायण सिंह ने कहा कि गीता पाठ मन को ऊर्जा, शांति और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने धर्म, समरसता और मानवता की रक्षा के लिए गीता के संदेशों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सामूहिक पाठ के दौरान पूरा परिसर आध्यात्मिक माहौल में डूबा रहा। बच्चों ने भी गीता के श्लोकों का अनुशासित तरीके से उच्चारण किया, जिसने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत जिले में ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक गीता के ज्ञान और मूल्यों को पहुंचाना है।


