जालंधर नगर निगम के अधीन आते सफाई सेवकों ने सिटी के श्रीराम चौक में धरना देकर ट्रेफिक जाम कर दिया। सफाई सेवक यूनियन के प्रधान मट्टू का कहना है कि सरकार ने इलेक्शन के वक्त 1132 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन इसको पूरा नहीं किया जा रहा है।
हमने सरकार से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन ये हमें आश्वासन देकर चुप करवा देते हैं। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के सामने भी अपना मसला रख चुके हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया जाता है।
इसलिए आज हमने काम छोड़कर हड़ताल का फैसला लिया।यूनियन प्रधान मट्टू ने कहा कि सरकारें पता नहीं क्या चाहती हैं। शायद ये चाहते हैं कि धरने प्रदर्शन चलते रहें और लोग परेशान होते रहें। मेयर से कई बार बात हो चुकी है। वो हर बार कहते हैं कि चंडीगढ़ में बात चल रही है। जब तक मुलाजिमों की मांगों को नहीं माना जाएगा, वे सफाई नहीं करेंगे। सिटी का एरिया बढ़ गया है, 1300 लोग देख रहे पूरी सफाई
मट्टू ने कहा कि शहर का एरिया बढ़ चुका है। इस वक्त जालंधर में करीब 1300 लोग सफाई करने वाले हैं। इतने लोगों से सफाई कर पाना मुमकिन नहीं है। एक-एक सफाई कर्मचारी के पास 3 से ज्यादा एरिया हैं। इतना काम करवाने के बावजूद उनको समय पर सेलरी नहीं दी जाती। हमने कल से ही कुछ एरिया में सफाई करनी बंद कर दी है। कल से भी जालंधर में सफाई बंद कर दी जाएगी। प्रशासन उनका शोषण कर रहा है। कैंट में 15 कर्मचारियों से बिना सैलरी काम करवाया जा रहा
मट्टू ने बताया कि उनके 15 सफाई कर्मचारी कैंट एरिया में ऐसे हैं, जिनसे 1 साल से काम करवाया जा रहा है, लेकिन सैलरी नहीं दी जा रही। एक पार्षद ऐसा कर रहा है। वो उनको अपने लेटर हेड पर लिखकर देता है कि आपको पक्का किया जाएगा और सैलरी दी जाएगी। इसके अलावा जिस फोर्थ क्लास कर्मचारी का जो काम है वो नहीं करवाया जा रहा है। मेयर धीर कई बार कह चुके हैं कि जिस आदमी की जो ड्यूटी है वो वही काम करेगा। मेयर की बात भी नहीं मानी जा रही है। माली अपना काम नहीं कर रहा, उसे सफाई करने में लगा दिया गया है। चंडीगढ़ में सरकार भर्ती नहीं करना चाहती
यूनियन के नेता मट्टू ने कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो हम सफाई भी नहीं करेंगे। मट्टू ने दावा किया कि मेयर से भर्ती को लेकर बात हुई है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ से सरकार भर्ती नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि कल से जालंधर के लोग अपने घरों का कचरा खुद उठाएं, वे काम नहीं करने वाले। जालंधर के पार्षदों का काम भी बिल्कुल निकम्मा है।
ये कुछ न कर पा रहे हैं और न ही करवा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग नए-नए बने हैं। इनको कुछ भी पता नहीं है। इनके काम से सफाई कर्मचारी निराश हैं। पूरी सरकार के खिलाफ कर्मचारी हो चुके हैं।


