टीकमगढ़ में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बाबा रामपाल के शिविरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने रैली निकालकर बाबा रामपाल के खिलाफ नारेबाजी की और एसपी कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से, कार्यकर्ताओं ने बाबा रामपाल के अनुयायियों द्वारा लगाए जा रहे ‘सनातन विरोधी’ शिविरों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। बजरंग दल के जिला संयोजक नीलेश उटमालिया ने बताया कि रामपाल के अनुयायी टीकमगढ़ जिले में सामाजिक समरसता बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित किए जा रहे साहित्य में हिंदू धर्मग्रंथों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उटमालिया के अनुसार, इन पुस्तकों में सनातन धर्म के देवी-देवताओं का गलत चित्रण और चरित्र-हनन किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इनमें असामाजिक तत्व शामिल हैं, जो जिले की सामाजिक सद्भावना को आहत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामपाल स्वयं एक अपराधी है और विभिन्न धाराओं के तहत कई मुकदमों में जेल काट रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि वे ऐसे अपराधियों के प्रचार-प्रसार का लगातार विरोध करते आए हैं और आगे भी करेंगे। उन्होंने रामपाल जैसे ‘कथित संत’ के साहित्य वितरण पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले उनके अनुयायियों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। विहिप ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सकल हिंदू समाज और साधु-संतों के नेतृत्व में उग्र आंदोलन करेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद थे।


