सोमवार को बैतूल जिले की सारणी नगर पालिका में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब जल आवर्धन योजना की राशि कम करने की मांग को लेकर चल रही कांग्रेस की क्रमिक भूख हड़ताल पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष पिंटीश नागले को एक पुराने वारंट के आधार पर हिरासत में ले लिया, जिसके बाद मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस के साथ हुई धक्का मुक्की
पिंटीश नागले के साथ यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गौतम नागले, वार्ड 4 की पार्षद किरण झड़बडे और वार्ड 34 के पार्षद पति सुनील भलावी भी इस क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल थे। यह हड़ताल 1 से 3 दिसंबर तक नगर पालिका कार्यालय के सामने आयोजित की जानी थी। पुलिस द्वारा नागले को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई कार्यकर्ताओं ने विरोध में जमीन पर बैठकर गिरफ्तारी देने का प्रयास किया, जबकि कुछ नेता मौके से हट गए। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ न्यायालय ने जारी किया था गिरफ्तारी वारंट
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले एक पुतला दहन प्रकरण में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस समय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि, अब जब कांग्रेस ने जल आवर्धन योजना में 4000 रुपए की वसूली रद्द करने जैसे मुद्दे पर आवाज उठाई, तो प्रशासन ने अचानक इस पुराने वारंट पर कार्रवाई की।टीआई जयपाल इवानती ने बताया कि पिंटीश नागले के खिलाफ पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट लंबित था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस की कार्रवाई पर भड़के कांग्रेस नेता
दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को “जनविरोधी” करार देते हुए सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि जनता के हक के लिए आवाज उठाने वाले कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। नगर पालिका परिसर में दिनभर चले इस घटनाक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। प्रदर्शन के दौरान कई बार स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन पुलिस ने अंततः इसे नियंत्रित कर लिया।


