निंबाहेड़ा रोड स्थित चारभुजा ट्रैक्टर शोरूम में सोमवार सुबह हादसा हो गया। शोरूम में पिछले 15 साल से काम कर रहे कर्मचारी नारायण पुत्र ऊंकार भोई (26) निवासी पंचदेवला की ट्रैक्टर अनलोड करते समय मौत हो गई। घटना करीब 11 बजे की बताई जा रही है। हादसा इतना अचानक हुआ कि नारायण को बचाने का किसी को मौका ही नहीं मिला। ट्रैक्टर के नीचे दबने से उसकी हालत गंभीर हो गई। गंभीर हालत में पहले चित्तौड़गढ़, फिर उदयपुर किया रेफर लक्ष्मी नारायण कुमावत, पंचदेवला निवासी, ने बताया कि, दुर्घटना के बाद शोरूम कर्मचारियों ने तुरंत नारायण को चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया जी जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उदयपुर रेफर कर दिया। दोपहर लगभग 12 बजे परिजन उसे एंबुलेंस से उदयपुर लेकर रवाना हुए। लेकिन रास्ते में ही नारायण ने दम तोड़ दिया। इसके बावजूद परिजन और समाजजन उसे उदयपुर के अमेरिकन हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को फिर लौटाया चित्तौड़गढ़, चार बजे पहुंचा शव अमेरिकन हॉस्पिटल में औपचारिकता पूरी करने के बाद नारायण का शव वापस चित्तौड़गढ़ भेजा गया। शाम करीब 4:30 बजे शव चित्तौड़गढ़ पहुंचा। इस बीच परिजनों के साथ समाजजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी में घटना को लेकर गहरा आक्रोश था। समाज प्रतिनिधि पहुंचे थाने, मुआवजे को लेकर नाराजगी बढ़ी हादसे की सूचना मिलते ही भोई समाज के लोग बड़ी संख्या में सदर थाने पहुंचे। पार्षद बालकिशन भोई और भोई समाज जिला अध्यक्ष रतन भोई भी साथ थे। समाजजनों ने घटना को लापरवाही बताते हुए शोरूम प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। शुरुआत में समाज की तरफ से एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग रखी गई। समाजजनों का कहना था कि मृतक की उम्र कम थी, परिवार पूरी तरह उसी पर निर्भर था और तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। लंबी बातचीत के बाद मुआवजा 35 लाख पर अटका पहली मांग एक करोड़ रुपए की थी लेकिन चर्चा बढ़ने पर समाज की मांग 35 लाख रुपए पर आकर रुकी। समाज के वरिष्ठ लोगों ने यह भी कहा कि नारायण पिछले 15 सालों से लगातार शोरूम में काम कर रहा था, इसलिए परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना जरूरी है। चर्चा सदर थाने में हुई। शोरूम मालिक ने 20 लाख देने का रखा प्रस्ताव हुंडई शोरूम और ट्रैक्टर शोरूम के मालिक दौलत दासानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने समाज की मांग सुनने के बाद 20 लाख रुपए मुआवजा देने की पेशकश की। हालांकि समाजजन इस राशि से संतुष्ट नहीं थे और बातचीत आगे चलती रही। पुलिस अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे और बातचीत शांतिपूर्ण माहौल में करने की कोशिश करते रहे। आखिरकार करीब 25 लाख रुपए पर बनी सहमति लगभग एक घंटे चली चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि नारायण के परिवार को करीब 25 लाख रुपए सहायता राशि दी जाएगी। इसके बाद माहौल शांत हुआ। समाजजन और परिजनों ने राहत की सांस ली कि बच्चों और पत्नी के भविष्य के लिए कुछ आर्थिक सुरक्षा मिल गई है। मृतक नारायण के तीन छोटे बच्चे, परिवार पर बड़ा संकट नारायण की मौत से उसके परिवार पर बड़ा संकट आ गया है। उसकी शादी को लगभग 10 साल हुए थे। उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं—एक बेटी करीब 3 साल की और दो बेटों की उम्र डेढ़-डेढ़ साल बताई जा रही है। परिवार पूरी तरह नारायण की आमदनी पर निर्भर था। समाज के लोगों ने भी कहा कि भविष्य में परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। शोरूम के बाहर भीड़, पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात सूचना पर बड़ी संख्या में समाजजन हुंडई शोरूम के बाहर इकट्ठे हो गए थे। भीड़ बढ़ती देख पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता बुलाया गया। सदर थाना पुलिस निरीक्षक भी मौके पर जाप्ते के साथ पहुंचे। सुरक्षा बलों को एहतियातन तैनात किया गया ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देते हुए शांत रहने की अपील की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया शाम को नारायण का पोस्टमार्टम करवाया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। गांव में नारायण की मौत से माहौल गमगीन है।


