भारत निर्वाचन आयोग के सचिव विनोद कुमार ने इंदौर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कामों को सराहा। उन्होंने कहा- इंदौर में यह अभियान पूर्ण पारदर्शिता, टीम भावना, गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली और तकनीक के प्रभावी उपयोग के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस स्पीड से काम जारी रहा तो इंदौर जिला अपने निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा के अंदर ही हासिल कर लेगा। सोमवार को कलेक्टर ऑफिस में आयोजित समीक्षा बैठक में विधानसभा वार प्रोग्रेस की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इंदौर में किए जा रहे नवाचार अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक है। बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजर से भी सीधी बातचीत की। क्षेत्रवार प्रोग्रेस, अनुभव और समस्याओं की जानकारी ली और समाधान के निर्देश दिए। वे बोले- एक विधानसभा क्षेत्र के सफल नवाचारों को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जाए, जिससे अभियान और ज्यादा प्रभावी हो सके। उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में प्रोग्रेस अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही थी, लेकिन कम समय में इंदौर ने जिस स्पीड और गुणवत्ता के साथ काम किया है वह वाकई प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि इतना बेहतर परिणाम मिलेगा, यह विश्वास नहीं था। अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति के लिए अधिकतम प्रयास करने के निर्देश भी दिए। सचिव ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसे गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाना आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 28 लाख 67 हजार 294 मतदाता है, इनमें से 20 लाख 13 हजार 850 मतदाताओं की जानकारी डिजिटाइजेशन हो गई है। इस तरह जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम 70 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो गया है। तेज गति से काम जारी है। लक्ष्य निर्धारित समय के पहले पूरा हो जाएगा। बताया गया है कि जिले में विधानसभा क्षेत्र देपालपुर में 82.35 प्रतिशत, इंदौर-1 में 63.37 प्रतिशत, इंदौर-2 में 60.82 प्रतिशत, इंदौर-3 में 67.76 प्रतिशत, इंदौर-4 में 64.34, इंदौर-5 में 62.99, महू में 81.64, राऊ में 65.95 प्रतिशत और सांवेर में लगभग शत-प्रतिशत काम पूरा हो गया है। बैठक में अपर कलेक्टर व उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पवार, सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारी और संयुक्त कलेक्टर अजीत श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


