नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज नई एफआईआर के बाद कांग्रेस ने सोमवार को रायपुर में ईडी दफ्तर के बाहर हंगामेदार प्रदर्शन किया।पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता ईडी कार्यालय पहुंचे। यहां पार्टी नेताओं ने ईडी का पुतला जलाया और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार विपक्ष को डराने और बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। क्या है पूरा मामला? नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पहले से चल रही जांच के बीच अब एक और नई एफआईआर दर्ज की गई है।दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की है। ईडी का आरोप है कि इस मामले में आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिले हैं, जिन्हें लेकर विस्तृत जांच की जरूरत है। शिकायत में कहा गया है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर नेशनल हेराल्ड से जुड़े लेन-देन में अनियमितताएं कीं और निजी लाभ उठाया। कांग्रेस इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। 3 अक्टूबर को दर्ज इस एफआईआर में गांधी परिवार के साथ कुल 7 अन्य प्रमुख व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं।एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (IPC) की ये गंभीर धाराएं लगाई गई हैं—


