योगी जी, लखीमपुर SP हमारी एक नहीं सुनते:6 BJP विधायक शिकायत लेकर सीएम के पास पहुंचे, कहा- उन्हें हटाइए

लखीमपुर खीरी के SP गणेश प्रसाद साहा को हटाने का मामला सीएम योगी तक पहुंच गया। शनिवार को लखीमपुर के 6 विधायकों ने योगी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान विधायकों ने योगी से SP की शिकायत की। कहा- SP हमारी एक भी बात नहीं सुनते। माफिया से फोन पर बात करते हैं। शहर की सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ रही है। उन्होंने परेशान कर दिया है। उन्हें हटाया जाए। सीएम ने सभी विधायकों की बात सुनने के बाद जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। लखीमपुर में 8 विधानसभा सीटें हैं। इनमें 6 विधायक- सदर से योगेश वर्मा, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी, कस्ता विधायक सौरभ सिंह ‘सोनू’, गोला विधायक अमन गिरी, श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी, निघायन विधायक शंशाक वर्मा और जिला अध्यक्ष सुनील सिंह योगी से मुलाकात करने पहुंचे। हालांकि, भास्कर से बातचीत में विधायक सौरभ सिंह और जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा- सीएम से विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। सीएम ने 15 जनवरी को लखीमपुर आने की बात कही है। एसपी को हटाने के सवाल पर कहा कि इस मुद्दे पर सीएम से कोई बातचीत नहीं हुई। इस मामले में हम शुक्रवार को प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद से शिकायत कर चुके हैं। संजय प्रसाद से भी कहा था- एसपी को हटाइए
इससे पहले, शुक्रवार को विधायक योगेश वर्मा, सौरभ सिंह सोनू और विनोद शंकर अवस्थी ने लखनऊ में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद से मुलाकात की थी। सभी ने एसपी गणेश साहा को लखीमपुर से हटाने को कहा था। विधायकों ने कहा था- एसपी केवल माफिया से बात करते हैं। हमारा फोन नहीं उठाते। संजय प्रसाद ने विधायकों की शिकायत सीएम योगी तक पहुंचाने का भरोसा दिया था। प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री को घटना बताई जाएगी। वे जैसा निर्णय लेंगे, बता दिया जाएगा। संजय प्रसाद को सीएम योगी का भरोसेमंद अफसर माना जाता है। गुरुवार देर रात ही उन्हें प्रमुख सचिव गृह बनाया गया है। जानिए कौन हैं लखीमपुर के एसपी?
आईपीएस गणेश प्रसाद साहा ने 12 जनवरी 2023 को लखीमपुर खीरी जिले का कार्यभार संभाला था। इससे पहले, वे नोएडा में डीसीपी के पद पर तैनात थे। वे गोरखपुर, बांदा, इलाहाबाद और देवरिया में भी रह चुके हैं। उन्हें पराक्रम पुरस्कार भी मिल चुका है। साहा की गिनती पुलिस विभाग के तेज तर्रार अफसरों में होती है। विधायकों की SP से नाराजगी की वजह क्या है? विवाद की तीन बड़ी वजह 1- योगेश वर्मा को सरेआम मारे थप्पड़ एसपी गणेश प्रसाद साहा और बीजेपी विधायकों में विवाद की शुरुआत 9 अक्टूबर से हुई। अर्बन कोआपरेटिव बैंक का चुनाव था। निवर्तमान चेयरमैन पुष्पा सिंह और पूर्व चेयरमैन मनोज अग्रवाल का खेमा मैदान में था। दोनों अपने-अपने डेलीगेट्स के साथ नामांकन करने के लिए कोआपरेटिव बैंक ऑफिस पहुंचे। सदर विधायक योगेश वर्मा का आरोप है कि मनोज अग्रवाल खेमे के समर्थित प्रत्याशी राजू अग्रवाल का पर्चा वकीलों ने फाड़ दिया। उन्हें पीटा। विधायक को यह बात पता चली, तो वह मौके पर पहुंच गए। विधायक को देखकर पुष्पा सिंह के पति एडवोकेट अवधेश सिंह भड़क गए। जब तक विधायक कुछ समझ पाते, अवधेश सिंह ने विधायक को थप्पड़ मार दिया। यह घटना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में हुई। इसका भी वीडियो भी सामने आया था। सदर विधायक ने कहा- कोतवाल को हटाओ…मगर एक्शन नहीं हुआ
इस पूरी घटना का जिम्मेदार विधायक योगेश वर्मा ने पुलिस को माना। उन्होंने एसपी से कोतवाल अंबर सिंह को हटाने की मांग की, लेकिन कोतवाल पर कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले का भी लखीमपुर के विधायकों ने विरोध किया था। 2- कोतवाल से धौरहरा विधायक ने बताया था जान का खतरा धौरहरा सीट से भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने प्रभारी मंत्री आशीष पटेल की बैठक में डीएम-एसपी के सामने अपनी ही जान का खतरा बताया था। आरोप लगाया कि धौरहरा इंस्पेक्टर दिनेश सिंह, सपा सांसद आनंद भदौरिया के लिए काम कर रहे हैं। वह उनकी जान के लिए खतरा बन गए हैं। उन्होंने एसपी से इंस्पेक्टर को हटाने की मांग की, लेकिन उनकी भी सुनवाई नहीं हुई। 3- विधायक सौरभ सिंह पर फायरिंग, बाल-बाल बचे एक जनवरी को भाजपा विधायक सौरभ सिंह ‘सोनू’ पर फायरिंग हुई। वह बाल-बाल बचे। वारदात उस वक्त हुई, जब बुधवार रात विधायक पत्नी के साथ वॉक पर निकले थे। घटना के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। वारदात विधायक के घर से 100 मीटर दूर हुई। सौरभ सिंह कस्ता से विधायक हैं। पत्नी खुशबू सिंह मितौली से ब्लॉक प्रमुख हैं। विधायक का घर सदर कोतवाली के शिव कॉलोनी में है। वह अपने पिता पूर्व राज्यसभा सांसद जुगुल किशोर के साथ रहते हैं। विधायक पर फायरिंग की सूचना पर आनन-फानन में पुलिस के सीनियर अफसर पहुंच गए। पुलिस ने आसपास के CCTV खंगाले। सदर कोतवाल अंबर सिंह ने बताया- कुछ लोगों को हिरासत में लिया। एसपी के अनुसार, आरोपियों ने विधायक से अभद्रता की बात स्वीकार की, लेकिन फायरिंग की बात से इनकार कर दिया। विधायकों से मुनमुटाव जैसी कोई बात नहीं- एसपी एसपी गणेश प्रसाद साहा ने कहा, किसी विधायक से किसी बात को लेकर कोई मनमुटाव जैसी स्थिति नहीं है। सभी से औपचारिक तरीके से हर विषय पर स्पष्ट बात होती है। दिए गए सुझाव पर भी अमल किया जाता है। तात्कालिक घटना को लेकर थोड़ा आक्रोश हो सकता है। विधायक के साथ हुई घटना का पुलिस ने वर्कआउट किया है। सीसीटीवी में दिख रहे युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों युवकों ने विधायक के साथ अभद्रता की बात स्वीकारी है। लेकिन फायरिंग जैसी घटना की अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हर पहलू पर बारीकी और संवेदनशील तरीके से जांच पड़ताल कर रही है। सीओ पर गुस्सा हो गए थे विधायक के पिता 3 जनवरी यानी शुक्रवार को लखीमपुर खीरी से भाजपा विधायक सौरभ सिंह सोनू पर हुई फायरिंग की जांच करने सीओ सिटी पहुंचे। विधायक के पिता और पूर्व सांसद जुगुल किशोर CO पर ही भड़क गए। उन्होंने कहा- मेरी औकात जान लो। एक-एक घंटे में आईजी, डीआईजी हटवाए हैं। पूर्व सांसद और भाजपा प्रवक्ता जुगुल किशोर ने सीओ सिटी रमेश तिवारी से कहा- मैं मुख्यमंत्री जी के सामने बात रखता हूं। आप लोग यहां रहने लायक नहीं हैं। ना आप, ना आपका इंस्पेक्टर और ना आपके एसपी। यहां की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। दिनदहाड़े डकैती-चोरी और मर्डर हो रहा है। विधायक पर गोली चल रही है। पढ़ें पूरी खबर… —————————- यह खबर भी पढ़िए… BJP मंडल अध्यक्षों में 45% से ज्यादा OBC:11 यादव, 117 ब्राह्मण, मुस्लिम शून्य; अखिलेश का PDA फॉर्मूला तोड़ने का दांव समाजवादी पार्टी के पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) कार्ड को तोड़ने के लिए भाजपा ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति में पिछड़ों पर दांव चला है। पार्टी ने पहले चरण में घोषित करीब 750 मंडल अध्यक्षों में 45% से ज्यादा पिछड़े वर्ग से हैं। अगर जाति वार बात करें तो सबसे ज्यादा ब्राह्मण (117) मंडल अध्यक्ष बनाए गए हैं। दूसरे नंबर पर ठाकुर (91) हैं। पिछड़ी जाति में सबसे ज्यादा कुर्मी (29) हैं। 11 मंडल अध्यक्ष यादव जाति से बनाए गए हैं। पूरी लिस्ट में एक भी मुस्लिम नहीं है। महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने का वादा करने के बाद भी महिलाओं की संख्या कम है। दलितों की संख्या भी कम है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *