पूर्व PM की प्रतिमा 20 साल से पॉलिथिन में कैद:पौत्र जयंत चौधरी केंद्र में मंत्री, अनावरण के लिए चाहिए सिंचाई विभाग की NOC

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पिछले 20 साल से पॉलीथिन में कैद है। अनावरण का इंतजार कर रही है। ये प्रतिमा यूपी के जिला मुजफ्फरनगर में लगी है। राज्य में सरकारें आती-जाती रहीं, इसलिए सिंचाई विभाग ने अपनी जमीन पर लगी इस प्रतिमा के अनावरण में कोई दिलचस्पी नहीं ली। अब चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं। जाट और किसान राजनीति में बेहद महत्व रखने वाले पश्चिमी यूपी में प्रतिमा के अनावरण को लेकर पॉलिटिक्स तेज हो गई है। यूपी सरकार में मंत्री अनिल कुमार ने केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियों को लेटर लिखा है। वहीं जाट संगठनों ने सरकारी पहल न होने पर इस महीने खुद ही अनावरण कर देने की बात कह डाली है। ये पूरा विवाद क्या है? इतने साल से प्रतिमा का अनावरण क्यों रुका है? उस पार्क की ताजा हालत क्या है? राजनीतिक संगठन इस मुद्दे पर क्या कहते हैं? दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर इन सब बातों को जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… जहां लगी है प्रतिमा, वहां शुरू हुई साफ-सफाई
सबसे पहले हम उस जगह पहुंचे, जहां ये प्रतिमा लगी है। मेरठ-करनाल हाईवे पर मुजफ्फरनगर जिले के कस्बा बुढ़ाना से गांव जौला के लिए रास्ता जाता है। जौला और परासौली गांव के बीच गंगनहर किनारे के पुलिया पर सिंचाई विभाग की जमीन है। इस पर गायत्री वाटिका है। वाटिका के अंदर करीब 6 फीट ऊंची चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा लगी है। ये 4 फीट ऊंचे स्ट्रक्चर पर लगी है। फिलहाल प्रतिमा लाल रंग की पॉलीथिन में लिपटी है। इस वाटिका के अंदर कुछ मजदूर काम करते मिले। कुछ झाड़ियां साफ कर रहे थे, तो कुछ मजदूर बाउंड्रीवॉल पर प्लास्टर कर रहे थे। बातचीत में वो कहने लगे- पिछले 2 दिन से ही काम शुरू हुआ है। लग रहा है, अब ये पार्क शुरू होगा। यहां जौला गांव के ही करीब 10-12 युवा भी फोटोग्राफी कराने आए थे। उन्होंने कहा- अब से पहले ये वाटिका बंद रहती थी। सुनने में आया है कि अब ये खुलने वाली है, इसलिए आज इसको देखने आए हैं। मंत्री ने बताया- सिंचाई विभाग की NOC नहीं मिलने से है विवाद
योगी सरकार में राष्ट्रीय लोकदल के कोटे से अनिल कुमार मंत्री हैं। इन्होंने 28 दिसंबर, 2024 को एक लेटर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, यूपी सरकार के सिंचाई मंत्री और मुजफ्फरनगर के DM को लिखा। इसमें मंत्री ने बताया- चौधरी चरण सिंह हिंडन कृष्णा दोआब नहर प्रणाली का लोकार्पण 15 जनवरी, 2004 को तत्कालीन सिंचाई मंत्री अनुराधा चौधरी ने किया था। इस नहर प्रणाली के निर्माण के साथ ही बुढ़ाना क्षेत्र के परासौली गांव के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर एक वाटिका का निर्माण कराया गया। इसमें भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा भी स्थापित कराई गई। लोअर खंड की जमीन पर प्रतिमा होने से सिंचाई विभाग को ही इस पर फैसला करके अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देना है। लेकिन, 20 साल बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है। इस कारण ये प्रतिमा आज भी पॉलीथिन से लिपटी हुई खड़ी है। मंत्री ने बताया- मैंने DM मुजफ्फरनगर से कहा है कि वो संबंधित अफसरों की बैठक बुलाकर इस पूरे प्रकरण की जानकारी लें। फिर एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि मूर्ति का अनावरण हो सके। मंत्री अनिल कुमार के लेटर पर बिजनौर के सांसद चंदन चौहान और विधायक राजपाल बालियान ने भी हस्ताक्षर करके उनका समर्थन किया है। ’20 जनवरी तक अनावरण करे प्रशासन, वरना हम खुद कर देंगे’
जाट महासभा, मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान कहते हैं- मूर्ति का विवाद तो कुछ नहीं है। मैं तो यही कहूंगा कि ये प्रशासनिक चूक रही है। जिस नेता का हर समाज में सम्मान है, उनकी प्रतिमा का 20 साल से अनावरण नहीं होना दुखद है। हमने इस प्रकरण में संगठन की एक बैठक बुलाई, फिर डीएम से भी मिले हैं। ‘सिंचाई विभाग ने अनावरण के लिए एक महीने का वक्त मांगा’
यूपी सरकार से नामित सिंचाई बंधु ओमकार सिंह अहलावत ने बताया- इस पूरे प्रकरण में हमारी 30 दिसंबर को मुजफ्फरनगर DM से लंबी बातचीत हुई। इस पर चर्चा हुई कि मूर्ति का अनावरण कैसे हो? इस दौरान डीएम ने सिंचाई विभाग के XEN से भी बात की। इसके बाद प्रतिमा स्थल पर साफ-सफाई काम शुरू कर दिया गया है। वेस्ट यूपी की 18 लोकसभा सीटों पर जाटों का प्रभाव
पश्चिमी यूपी में प्रतिमाओं के अनावरण को लेकर पॉलिटिक्स नई नहीं है। इसके पीछे सारी कहानी वोट बैंक की है। यूपी में जाटों की कुल आबादी 6 से 8 फीसदी बताई जाती है। इसमें 17% जाट वोटर हैं। वेस्ट यूपी की 26 में से 18 लोकसभा सीटों पर जाटों का प्रभाव है। इनमें सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, संभल, अमरोहा, बुलंदशहर, मुरादाबाद, फतेहपुर सीकरी, अलीगढ़, फिरोजाबाद, हाथरस सीट शामिल है। इनमें भी 12 जिलों की 60 विधानसभा सीटों पर जाटों का ज्यादा दबदबा है। केंद्र में मंत्री जयंत चौधरी, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, भाजपा के यूपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर सतपाल सिंह, यूपी सरकार में मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान जैसे प्रमुख जाट नेता पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ही आते हैं। तब PM मोदी के आने की हुई चर्चा, अब तक इंतजार
वेस्ट यूपी के जिला बागपत में भी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह की प्रतिमा के अनावरण का इंतजार लंबे वक्त से हो रहा है। 1200 किलो की ये प्रतिमा श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज छपरौली में स्थापित होनी है। साल, 2024 की शुरुआत में जब राष्ट्रीय लोकदल और भाजपा के बीच गठबंधन की बातचीत चल रही थी। तब चर्चाएं हुईं कि इस प्रतिमा का अनावरण करने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छपरौली आएंगे। फिर 24 फरवरी, 2024 की तारीख तय हुई, लेकिन आखिरी वक्त पर ये कार्यक्रम टल गया। तब से आज तक अजित सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी नहीं हो सका है। ——————————- यह खबर भी पढ़ें UP के 58 IPS अफसरों को मिला प्रमोशन, धर्मवीर सिंह की जांच फाइल बंद, DIG बनाए गए; लक्ष्मी सिंह ADG के पद पर प्रमोट नए साल 2025 की पूर्व संध्या पर योगी सरकार ने IPS अफसरों को प्रमोशन का गिफ्ट दिया। 2000, 2007, 2011, 2012 और 2021 बैच के 58 IPS अफसर प्रमोट किए गए, जिनमें 6 IPS अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। 2010 बैच के धर्मवीर सिंह को डीआईजी बना दिया गया। उनकी जांच फाइल बंद कर दी गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर

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