भास्कर न्यूज | केतार प्रखंड के नावाडीह गांव में भवन निर्माण विभाग द्वारा 5 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय उद्घाटन का बाट जोह रहा है। केतार प्रखंड कार्यालय से सटे उक्त विद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद एक वर्ष पहले 2023 में ही विभाग को सौंप दिया गया है। बावजूद उद्घाटन और विद्यालय संचालन को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। उक्त विद्यालय भवन को देखकर क्षेत्र के ग्रामीण जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पूछ रहे हैं की साहब इस विद्यालय में पठन-पाठन कब तक शुरू होगा। पढ़ाई शुरू होने से केतार प्रखंड के सुदूरवर्ती गांवों की 250 बालिकाएं 25-30 किलोमीटर दूर भवनाथपुर के (झागडाखा़ड) स्थित विद्यालय में पढ़ाई करने को विवश हैं। इससे छात्राओं और उनके अभिभावकों को परेशानी होती है। विद्यालयों में नामांकन व सम्बन्धित जानकारी नहीं मिलने के कारण गरीब तबके के अभिभावक बच्चियों को उक्त विद्यालय में शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। प्रखंड के गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाली बच्चियों को रहकर पढ़ाई करने के लिए इस विद्यालय में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। रहने के लिए हास्टल के साथ- साथ पठन-पाठन के लिए कमरे और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के तीन सौ मीटर के दूरी पर उप स्वास्थ्य केन्द्र उपलब्ध है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो किलोमीटर की दूरी पर केतार थाना है। इस विद्यालय में कक्षा 6 से 12 वीं तक की पढ़ाई कराकर छात्राओं का भविष्य संवारने की योजना है जो इस विद्यालय का संचालन नहीं होने से अधूरी है। अब ग्रामीणों की उम्मीदें नवनिर्वाचित विधायक अनंत प्रताप देव से है। विधायक पहल कर इस विद्यालय को शुरू कराएं। इस संबंध में कैशर राजा जिला शिक्षा पदाधिकारी कैशर राजा ने कहा कि नए सत्र में आवासीय विद्यालय में पठन-पाठन शुरू होगा। आवासीय विद्यालय संचालन के लिए सामग्री की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जनवरी के प्रथम सप्ताह तक सामग्री उपलब्ध होने की उम्मीद है। नए सत्र 2025-26 में विद्यालय में छात्राओं को शिफ्ट कर पठन-पाठन शुरू करा दिया जाएगा।


