भारतीय विरासत मेरी पहचान है, यह नजरिया देता:भारतवंशी मेयर ममदानी दैनिक भास्कर से बोले- न्यूयॉर्क हमेशा प्रवासियों का शहर, इन्होंने अमेरिका को आगे बढ़ाया

न्यूयॉर्क सिटी के नव-निर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी का कहना है कि मेरी पहली पहचान भारतीय विरासत है। भारतीय विरासत मुझे सांस्कृतिक विविधता, लोकतंत्र, राजनीतिक सत्ता और माइग्रेशन के बारे में दुनिया को देखने का नजरिया देती है। ममदानी मानसून वेडिंग और सलाम बॉम्बे जैसी फिल्में डायरेक्ट करने वाली मीरा नायर के बेटे हैं। वे पिछले 100 सालों में न्यूयॉर्क के सबसे युवा, पहले भारतवंशी और पहले मुस्लिम हैं। ममदानी ने भास्कर संवाददाता एसएस अली से विभिन्न मुद्दों पर बेबाक बातचीत की। पढ़िए इंटरव्यू के अंश… 1. भारतवंशी मेयर होना कितना अहम है? भारत हमेशा से मेरे दिल के करीब रहा है। मेरी शुरुआत भारत से हुई, युगांडा के बाद मैं अब अमेरिका में हूं। मैं भारतीय बहु संस्कृति में पला-बढ़ा हूं। न्यूयॉर्क का पहला भारतवंशी मेयर बनना निश्चित रूप से गर्व की बात है। लेकिन आने वाले दिनों में मैं जो करूंगा, उससे मेरे चयन की सार्थकता स्पष्ट होगी।
2. वीसा सख्ती भारतीयों की अमेरिका में एंट्री के लिए दिक्कतें बढ़ा रही, इसका क्या उपाय है ?
एच-1 बी वीसा में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन अमेरिका ने हमेशा से प्रवासी स्किल्ड वर्कर्स का स्वागत किया है। प्रवासियों ने अमेरिका को बनाया है। मैं खुद प्रवासी भारतीय माता-पिता की संतान हूं। अमेरिका में सपने लेकर आए मेरे माता-पिता ने अन्य प्रवासियों के समान अमेरिका के विकास में योगदान दिया है। न्यूयॉर्क हमेशा से प्रवासियों का शहर था और रहेगा। मैं न्यूयॉर्क के मेयर के तौर पर इस शहर के कैरेक्टर को चेंज नहीं करने दूंगा। 3. अमेरिका में प्रवासियों को परेशान किया जा रहा है, इसपर क्या कहेंगे? कानून को तोड़ने की इजाजत अमेरिका के राष्ट्रपति को भी नहीं है’। न्यूयॉर्क में प्रवासियों की जांच के नाम पर ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम एन्फोर्समेंट) धरपकड़ कर रही है। प्रवासियों को परेशान किया जा रहा है। मैंने फेडरल एजेंसी आईसीई को साफ कहा है कि कानून को तोड़ने का अधिकार न तो एजेंटों के पास है और न ही अमेरिका के राष्ट्रपति के पास। राष्ट्रपति दुनिया का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन शुरू का दावा करते हैं। लेकिन मैं न्यूयॉर्क के लोगों के साथ हूं। ICE के छापों में न्यूयॉर्क पुलिस (एनवाईपीडी) शामिल नहीं होगी। गैरकानूनी कार्रवाई न्यूयॉर्क में नहीं होने दी जाएगी। 4. आपने न्यूयॉर्क वालों से कई बड़े वादे किए हैं, इसके लिए धन कैसे जुटा पाएंगे ? न्यूयॉर्क जैसे अमीरों के शहर में हमने मिडिल क्लास के मुद्दे उठाए। चाइल्ड केयर, सभी को फ्री हेल्थ सर्विस, नियंत्रित किराया और सस्ते आवास के वादे को पूरा किया जाएगा। किफायती दरों वाले स्टोर खोले जाएंगे। सुपर रिच पर 2% टैक्स लगाने से हम हर साल 4 अरब डॉलर से अधिक का फंड जुटाएंगे। लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे। 5. वैश्विक राजनीति में नई विचारधाराओं के उदय को आप कैसे देखते हैं?
वैश्विक राजनीति में वर्तमान में कई विचारधाराएं सामने आ रही हैं। ऐसा हमेशा से होता रहा है। समय के साथ-साथ नई-पुरानी विचारधाराओं में टकराव होता है। मेरा मानना है कि नीतियों और राजनीति को जमीनी स्तर पर लोगों के इर्द-गिर्द ले जाने की आवश्यकता है। 6. भारत-अमेरिका ट्रेड डील व दोनों देशों के बीच संबंधों के बारे में क्या कहेंगे? ईमानदारी से कहूं तो, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। 7. क्या आप भविष्य में न्यूयॉर्क गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं? अभी मेरी प्राथमिकता न्यूयॉर्क शहर के मेयर के रूप में लोगों से किए वादों को पूरा करना है। व्हाइट हाउस में पहली बार ट्रम्प से मिले थे ममदानी ममदानी ने 21 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से पहली बार फेस-टू-फेस मीटिंग की।। 4 नवंबर को न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव के बाद भी दोनों की यह पहली मुलाकात थी। मीडिया ने ममदानी से पूछा कि क्या वे अभी भी ट्रम्प को फासिस्ट (तानाशाह) मानते हैं। इस पर ट्रम्प ने कहा- “कोई बात नहीं, हां कह दो। यह समझाने से आसान है। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता।” यह मोमेंट इसलिए खास था क्योंकि न्यूयॉर्क मेयर इलेक्शन के दौरान दोनों ने एक दूसरे को लेकर काफी तल्ख बयानबाजी की थी। ट्रम्प ने ममदानी को ‘कम्युनिस्ट पागल’ और ‘जिहादी’ कहा था, वहीं ममदानी ने ट्रम्प को ‘तानाशाह’ और ‘फासिस्ट’ बताया था। ट्रम्प ने कहा कि हम न्यूयॉर्क को फिर से शानदार बनाना चाहते हैं। ममदानी जितना बेहतर करेंगे, मैं उतना ही खुश रहूंगा। ट्रम्प ने यहां तक कहा कि ममदानी कई कंजरवेटिव लोगों को हैरान कर देंगे और उनके कुछ विचार मुझसे से मिलते-जुलते हैं। ममदानी ने भी मीटिंग को प्रोडक्टिव बताया और कहा कि हमने किराया, राशन, बिजली बिल और रहने की बढ़ती कीमतों पर बात की। हम दोनों न्यूयॉर्क के 85 लाख लोगों के लिए जीवन को सस्ता बनाना चाहते हैं।

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