मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के बैढ़न पचखोरा गांव में रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी के साथ सेना में भर्ती के नाम पर 15 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। रिटायर्ड फौजी पिछले महीने अपने बेटे को सेना के फिजिकल में शामिल कराने लखनऊ गए थे, जहां उसका बेटा दौड़ परीक्षा में फेल हो गया। इसी दौरान उन्हें सेना की वर्दी में एक व्यक्ति मिला, जिसने खुद को कर्नल एस.एन. राव बताया और बेटे को सेना में भर्ती कराने का आश्वासन दिया। इसके बदले उसने 15 लाख रुपए की मांग रखी। पहली किस्त लखनऊ में दी पीड़ित रिटायर्ड फौजी का नाम भूपेंद्र पांडे है। वह अक्टूबर 2025 में अपने बेटे निखिल को नर्सिंग असिस्टेंट की भर्ती के लिए लखनऊ ले गए थे। जब बेटा चयनित नहीं हुआ, तो कर्नल बनकर मिले उस व्यक्ति ने 15 लाख में भर्ती कराने की बात कही। बेटे के भविष्य के लिए भूपेंद्र ने उसी समय लखनऊ में 7.5 लाख रुपए दे दिए। दूसरी किस्त ग्वालियर में दी 17 नवंबर को भूपेंद्र पांडे कथित कर्नल पर भरोसा कर ग्वालियर पहुंचे। मुरार स्थित सेना भर्ती कार्यालय के बाहर उस व्यक्ति ने उन्हें एक निजी वाहन से मिलकर फिर 7.5 लाख रुपए नकद और बाद में ऑनलाइन भुगतान के रूप में ले लिए। उसने भर्ती के दस्तावेजों पर सेना की नकली सील लगाकर 4 दिसंबर को लखनऊ में ज्वाइनिंग के लिए बुलाया। परिवार के तीन सदस्यों को MES में नौकरी का झांसा कथित कर्नल ने भूपेंद्र को सिक्योरिटी इंचार्ज और उनके भाई व साले को MES (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज) में फिटर और इलेक्ट्रिशियन के पद पर नौकरी देने का लालच भी दिया। इन तीनों को भी फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेज दिए गए।इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया, जो आज तक बंद है। भर्ती कार्यालय पहुंचे तो हुआ खुलासा 28 नवंबर को भूपेंद्र पांडे, उनका भाई और साला ज्वाइनिंग लेटर लेकर ग्वालियर पहुंचे। मुरार स्थित मिलिट्री ऑफिस में पता चला कि, MES में ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई थी, न ही एस.एन. राव या एस.एन. राव झा नाम का कोई कर्नल या अधिकारी वहां तैनात है। तभी उन्हें ठगी का पता चला। एसएसपी ऑफिस में की शिकायत ठगी का एहसास होने पर भूपेंद्र पांडे सभी पीड़ितों के साथ ग्वालियर एसएसपी ऑफिस पहुंचे। एएसपी अनु बेनीवाल ने सभी को मुरार थाने भेजकर मामले की जांच करने और फर्जी कर्नल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


