गुना जिले के धरनावदा इलाके से 4 महीने पहले लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने 1300 किलोमीटर दूर गुजरात के भुज से बरामद कर लिया है। पुलिस ने “विशेष ऑपरेशन मुस्कान” अभियान के तहत यह सफलता हासिल की है। पुलिस टीम कई दिनों तक गुजरात में डेरा डालकर किशोरी की तलाश करती रही। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई को धरनावदा थाने में एक पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 19 जुलाई को बिना बताए घर से कहीं चली गई है। रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाशने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। तकनीकी मदद से भुज में मिली लोकेशन
पुलिस ने नाबालिग की तलाश के लिए तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद ली। इसी दौरान किशोरी के गुजरात के भुज जिले में होने की पुख्ता जानकारी मिली। सूचना मिलते ही धरनावदा थाने की एक टीम गुजरात के लिए रवाना हुई। पुलिस ने कई दिनों तक डाला डेरा
पुलिस टीम ने गुजरात पहुंचकर कई दिनों तक वहां डेरा डाला। कठिन परिस्थितियों के बीच लगातार प्रयास करने के बाद आखिरकार 4 महीने से लापता नाबालिग को बरामद कर लिया गया। CWC में पेश कर परिवार को सौंपा
पुलिस किशोरी को लेकर गुना पहुंची। यहां कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे बाल कल्याण समिति (CWC) की अध्यक्ष डॉ. नीरू शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति की आवश्यक कार्यवाही के बाद उसे सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में धरनावदा थाना प्रभारी SI प्रभात कटारे, अंजना चंदेल, आरक्षक धर्मेन्द्र धाकड़, सत्येन्द्र गुर्जर, महिला आरक्षक अनुराधा, प्रियंका ओझा और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


