अमृतसर में पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कांट्रैक्ट वर्करों की हड़ताल पांचवे दिन भी जारी है। शहर की सड़कों पर सरकारी बसें लगभग गायब हैं, और इसका सबसे बड़ा बोझ आम जनता, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ा है। हड़ताल के कारण लोगों को रोजमर्रा के सफर में भारी असुविधा हो रही है। वही पंजाब रोडवेज वर्कर्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी जुगराज सिंह ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को अपने नेताओं से आदेश मिला है। उन्होंने कहा, जब तक गिरफ्तार हुए कर्मचारी पूरी तरह से नहीं छोड़े जाते, हड़ताल जारी रहेगी। रिहाई के बाद ही अगला कोई निर्णय लिया जाएगा। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल उनकी मूल मांगों को लेकर शुरू हुई थी, जो मुख्य रूप से इस प्रकार है— प्रमुख रूटों पर स्थिति तनावपूर्ण फिलहाल, अमृतसर के बस स्टैंड, सड़कों और प्रमुख रूटों पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यूनियन का कहना है कि यह हड़ताल कर्मचारियों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई है, और इसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं। यानी पांचवे दिन भी हड़ताल नहीं टूटी, और अमृतसर में जनता व कर्मचारियों दोनों के लिए कठिन हालात बने हुए हैं।


