राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी), जयपुर में दो दिवसीय यूथ ओरिएंटेड ‘खम्मा घणी जयपुर फिल्म फेस्टिवल’ (KGFF) के तीसरे संस्करण की शुरुआत हुई। पूर्व डीजीपी डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में इसका उद्घाटन किया। उन्होंने इस अनोखी पहल की सराहना की, जिसका उद्देश्य युवा फिल्म निर्माताओं एवं कलाकारों को बड़ा मंच उपलब्ध करवाना और जयपुर को फिल्म हब के रूप में स्थापित करने के सपने को आगे बढ़ाना है। उद्घाटन सत्र में डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों की कल्पना शक्ति हम सब से बहुत अधिक होती है। अगर बच्चों की कहानियों को फिल्मों में ढाला जाए, तो दुनिया उनकी कल्पना से हैरान रह जाएगी। बच्चों को वीडियो गेम्स में समय बर्बाद करने की बजाय ऐसी रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेना चाहिए। फेस्टिवल के पहले दिन KGFF यूनिवर्स के तहत विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई 10 शॉर्ट फिल्मों, नेशनल और इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री, तथा स्पेशल स्क्रीनिंग प्रदर्शित की गईं। कुल 18 फिल्में दिखाई गईं, जिनमें 3 नेशनल शॉर्ट फिल्में (मेघालय और मुंबई से), 2 नेशनल डॉक्यूमेंट्री (नोएडा और जयपुर), नेपाल और प्राग से 2 इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री और नसीरुद्दीन शाह की शॉर्ट फीचर फिल्म ‘खिड़की’ की विशेष स्क्रीनिंग शामिली रही। इन फिल्मों में 17 स्कूल–कॉलेज–यूनिवर्सिटी के 150 से अधिक स्टूडेंट्स ने अभिनेता और युवा फिल्मनिर्माता के रूप में भाग लिया है। फेस्टिवल के पहले दिन तीन खास सत्र आयोजित हुए। इसमें विचित्र सिंह का क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग सेशन रहा, जिसमें साधारण आइडिया को प्रभावशाली कहानी में बदलने के तरीके बताए गए। ऋषि नागर का बायो-एआई हेल्थ पर ज्ञानवर्धक सत्र लिया। महेंद्र शर्मा की एक्टिंग एवं कास्टिंग पर मास्टरक्लास आयोजित हुई। दो दिनों के आयोजन में प्रोफेशनल फिल्ममेकर्स द्वारा 20 से ज़्यादा नेशनल और इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्रीज प्रदर्शित होंगी। इसके साथ ही कई वर्कशॉप और इंटरएक्टिव अनुभव भी होंगे। खम्मा घणी जयपुर फिल्म फेस्टिवल एक अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव है, जो दुनियाभर के फिल्म-निर्माताओं को मंच देता है। निर्जीत एंटरटेनमेंट्स द्वारा आयोजित, नवीन शर्मा और मौलश्री की यह पहल युवा फिल्मकारों को प्रोत्साहित करने और जयपुर में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रोजगार अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।


