नगर निगम:होटल-रेस्त्रां का नया लाइसेंस लेना आसान, रिन्यू कराना चुनौतीभरा, निगम बोला-अवैध संचालन रुकेगा, संचालक बोले-परेशान कर रहे

एक तरफ जहां प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नियमों को आसान कर रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम ने होटल-रेस्टोरेंट के लाइसेंस रिन्यू कराने के नियम सख्त कर दिए हैं। खास बात यह है कि इस काम के लिए जितने दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, उनकी तुलना में नया लाइसेंस लेना ज्यादा आसान है। निगम का दावा है कि नए नियमों के बाद सभी हाेटल्स का वेरिफिकेशन हाेगा और रेवेन्यू में बढ़ाेतरी हाेगी। दूसरी ओर, हाेटल व्यवसायियाें का कहना है कि लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए प्रदेशभर में केवल उदयपुर में ही ऐसे नियम लागू किए गए हैं, जबकि अन्य निकायों में इतने डॉक्यूमेंट नहीं मांगे जा रहे हैं। इनका दावा है कि कड़े नियमों के कारण कोई लाइसेंस रिन्यू ही नहीं करवा पा रहा है। बता दें कि नगर निगम पैराफेरी में करीब 350 हाेटल, हाेम स्टे, रिसॉर्ट हैं, जबकि जिलेभर में 811 हाेटल हैं। नगर निगम ने गत 4 दिसंबर काे लाइसेंस रिन्यू कराने के आदेश निकाले थे। इसके तहत 31 दिसंबर होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय, किराना, ठेला, डेयरी, बेकरी, मिठाई, पान, खाद्यान्न एवं अन्य पदार्थों की बिक्री की दुकानों के संचालकों को यह काम कराना था। इसके बाद एक जनवरी से रोज 10 रुपए पेनल्टी भी प्रस्तावित की थी। अभी निगम के अफसर यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि कितने रिन्यू कराने पहुंचे। उनका कहना है कि अभी फाॅर्म जमा किए जा रहे हैं। इनकी जांच के बाद ही बता पाएंगे। निगम 5 स्टार डीलक्स होटल के लाइसेंस के लिए एक लाख, 5 स्टार के 75 हजार, 4 स्टार के 25 हजार रुपए सालाना शुल्क लेता है। लाइसेंस रिन्यू के लिए ये मांग रहे 1. ट्रेड लाइसेंस फार्म के साथ रजिस्ट्री
2. किराया चिट्ठी
3. नामांतरण पत्र
4. गिरवी नामा
5. लाइट बिल
6. भू उपयोग परिवर्तन (व्यावसायिक)
7. भवन/ दुकान नक्शा
8. झील किनारे भवन की पर्यावरण एनओसी
9. नगरीय विकास शुल्क की रसीद
10. प्रतिष्ठान के 2 फोटो
11. फायर की एनओसी
12. ग्रीस चैंबर के फोटो।
(4 दिसंबर काे जारी आम सूचना के अनुसार) …और नए लाइसेंस के लिए ये चाहिए 1. विक्रय पत्र रहननामा
2. किराया चिट्टी
3. नवीनतम दाे फाेटाे
4. मानचित्र, ठाेस कचरा निस्तारण की रूपरेखा जलाेत्सारण का मानचित्र
5. पर्यावरण नियंत्रण विभाग की एनओसी
(वर्ष 2015 के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार) पहले ये नियम थे यूडी टैक्स, झील किनारे रेस्टाेरेंट स्थित हाेने पर पॉल्यूशन कंट्राेल विभाग की एनअाेसी। (इनके जरिये एक दिसंबर 2023 से 31 दिसंबर 2024 तक लाइसेंस रिन्यू हुए।) निगम अफसर बोले-आवासीय पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रहीं निगम के स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा के अनुसार लाइसेंस के लिए नए नियम व शर्तें लगाने से प्रक्रिया पारदर्शी हुई है। किराणा स्टाेर सहित अन्य छाेटे व्यापारियाें काे राहत दी गई है, जबकि हाेटलों की निगरानी के लिए नियम सख्त रखे हैं। कई हाेटलों तक जाने का रास्ता नहीं हाेने के बाद भी संचालन किया जा रहा है। कई लाेग आवासीय पट्टे पर वाणिज्यिक गतिविधियां कर रहे हैं। इससे अवैध गतिविधियां थमेंगी, रेवेन्यू बढ़ेगा। अभी जिनके फाॅर्म आ रहे उन्हें चेक किया जा रहा है। इसके बाद लाइसेंस रिन्यू किए जाएंगे। ऐसे नियम तो पूरे प्रदेश में कहीं नहीं : कारोबारी
मामले में होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान के सचिव राकेश चौधरी ने कहा कि लाइसेंस रिन्यू के लिए किसी डाॅक्यूमेंट की जरूरत नहीं हाेती है। पिछले साल भी बिना किसी कागज के लाइसेंस रिन्यू किए गए थे। राजधानी जयपुर में भी इस तरह के काेई नियम नहीं है। उधर, चैंबर ऑफ कॉमर्स उदयपुर डिवीजन के उपाध्यक्ष सुखलाल साहू ने कहा कि प्रदेश में लाइसेंस रिन्यू करने के लिए इतने डाॅक्यूमेंट मांगने का काेई नियम नहीं है। उदयपुर नगर निगम नए नियम लागू कर रहा है। नया लाइसेंस लेने पर जब सारे डाॅक्यूमेंट लिए जा रहे हैं ताे एक साल में दुकान, रेस्टाेरेंट, हाेटल में क्या नया बदल जाएगा। कलेक्टर को इस समस्या के बारे में बता चुके हैं। छाेटे व्यापारियाें काे बेवजह परेशान किया जा रहा है।

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