उदयपुर के गोगुंदा के पास एक गांव में रात को कार सवार लोगों को एक लेपर्ड के मुख्य सड़क पर जाते हुए देखा। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया जिसमें लेपर्ड रोड को क्रॉस कर दूसरी तरफ जा रहा था। यह मामला 30 नवंबर की रात का है। यह लेपर्ड उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र के नांदेशमा और ढोल रोड पर देखा गया। वहां पर चामुंडा माता मंदिर से आगे महादेव मंदिर के पास मुख्य सड़क पर लेपर्ड टहलता हुआ नजर आया। यह दृश्य उदयपुर के बड़गांव निवासी शैलेश श्रीमाली ने अपने मोबाइल में बनाया। शैलेश अपने भाई नयन श्रीमाली के साथ गोगुंदा से अपने गांव बड़गांव (नांदेशमा) लौट रहे थे तब उनको रोड़ किनारे एक लेपर्ड दिखाई दिया। लेपर्ड काफी दूरी तक सड़क पर चलता रहा और कार में सवार भाई पीछे से उसका वीडियो बनाते रहे। बनाए वीडियो में लेपर्ड वहां से आगे बढ़ते हुए मुख्य सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक गया और उसके बाद वह जंगल की तरफ चला गया। स्थानीय ग्रामीण मुकेश श्रीमाली ने बताया कि इस मार्ग पर लेपर्ड को कई बार देखा गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इस क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों में दशहत बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। 4 तस्वीरों में देखिए लेपर्ड का मूवमेंट…. लेपर्ड से आबाद है गोगुंदा-सायरा के जंगल
गोगुंदा और सायरा के जंगल लेपर्ड से आबाद है। सायरा में वैसे भालू ज्यादा हुआ करते थे लेकिन पिछले कुछ समय से लेपर्ड का मूवमेंट यहां बढ़ गया है। पिछले दोनों ही गोगुंदा व सायरा क्षेत्र में दो लेपर्ड की आपस में लड़ाई हो गई। अलग-अलग जगह दो लेपर्ड की मौत हुई थी। इसके अलावा इस क्षेत्र में कुछ दिनों पहले ही एक लेपर्ड वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया तो एक लेपर्ड की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। लेपर्ड हमले में 11 लोगों की मौत हो चुकी
बता दें कि गोगुंदा से लेकर बड़गांव तक के इलाके में फैले जंगल में पिछले साल लेपर्ड के इंसानी हमलों से करीब 11 लोगों की जान गई थी। जयपुर से लेकर बाहर से टीमें यहां आई थी। करीब एक महीने से ज्यादा समय तक ऑपरेशन चला था। आखिर में मदार तालाब के वहां पर लेपर्ड को गोली मारी गई थी। इसके बाद से वहां पर इंसानी हमले रुके थे। सहयोग : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा


