झालावाड़ में एक निजी स्कूल में सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 1000 छात्रों और 50 शिक्षकों ने भाग लिया और आपात स्थिति में जीवन बचाने की तकनीकें सीखीं। कार्यक्रम को लेकर छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षण कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला सीपीआर नोडल अधिकारी डॉ. शुभम पाटीदार और टीम सदस्य त्रिलोक नागर ने किया। कार्यशाला का शुभारंभ और उद्देश्य कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल प्रिंसिपल मनोज कुमार सिंह ने सीपीआर किट का उद्घाटन कर किया। उन्होंने चिकित्सा विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बढ़ते कार्डियक अरेस्ट मामलों को देखते हुए यह प्रशिक्षण समय की मांग है और ऐसे कौशल समाज के हर नागरिक को आना आवश्यक हैं। स्कूल को मिला ‘हार्ट सेफ वर्कप्लेस’ का दर्जा कार्यक्रम के दौरान स्कूल को ‘हार्ट सेफ वर्कप्लेस’ के रूप में चिह्नित किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी प्रतिभागियों को सीपीआर–बीएलआर प्रमाणपत्र और फर्स्ट एड किट वितरित की गईं। अब तक 15 हजार लोग हुए प्रशिक्षित जिले में स्वस्थ समाज और आपातकालीन तैयारी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चल रहे अभियान के तहत अब तक 15,000 से अधिक नागरिकों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। विभाग का कहना है कि ऐसी जागरूकता गतिविधियां आकस्मिक मौतों में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


