हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार सुबह इलाज के दौरान चौधरी यादव (45) की मौत हो गई। उन्हें 30 नवंबर की शाम कीटनाशक दवा के सेवन के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक के भतीजे रणधीर कुमार यादव ने मीडिया को बताया कि डॉक्टर द्वारा लिखे गए इंजेक्शन की जगह गलत इंजेक्शन स्लाइन के जरिए मरीज को दिया गया। उनका दावा है कि मरीज पहले ठीक था और छुट्टी मांग रहा था, लेकिन गलत इंजेक्शन के बाद उसे अचानक जलन महसूस हुई और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की जानकारी मिलने पर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के प्रतिनिधि रंजन चौधरी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारियों पर सवाल उठाते हुए मामले की गहन जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सांसद मनीष जायसवाल ने स्वयं हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से बात कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे हजारीबाग आने के बाद स्वयं इस मामले का संज्ञान लेंगे। अगर कोई दोषी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा: सुपरिटेंडेंट वहीं, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपरिटेंडेंट अनुकरण पूर्ति ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। जांच चल रही है और एक टीम बनाकर पोस्टमॉर्टम भी किया जा रहा है। इस पूरे मामले में अगर कोई दोषी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और उस पर कार्रवाई की जाएगी।


