करौली के गवर्नमेंट कॉलेज में मंगलवार को पीएम उषा योजना के अंतर्गत लैंगिक संवेदनशीलता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और आमजन शामिल हुए। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त लैंगिक पूर्वाग्रहों और रूढ़िवादी धारणाओं की पहचान कर संवेदनशीलता बढ़ाना और सभी के लिए समान अवसरों की समझ विकसित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता गवर्नमेंट कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल रफीक अहमद ने की। कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य जमना लाल, पीएम उच्चतर शिक्षा अभियान से रामसिंह मीणा, महिला उत्पीड़न विषय विशेषज्ञ एडवोकेट ज्वाला शर्मा और जेंडर विशेषज्ञ सीमा चतुर्वेदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। संयोजक रामलखन सहित अन्य शिक्षकों ने भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लैंगिक समानता केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक सुरक्षित और समावेशी समाज की नींव है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का लक्ष्य सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों और सामाजिक जीवन में मौजूद लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना तथा युवाओं में इस विषय पर जागरूकता बढ़ाना है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों और संवाद के माध्यम से लैंगिक संवेदनशीलता की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर युवाओं से भी इस दिशा में सहयोग करने की अपील की गई।


