राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आज लगातार दूसरे दिन जज सड़क पर उतरे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार जीनवाल (एडीजे) ने जमवारामगढ़ और अचरोल क्षेत्र में स्कूल बसों का निरीक्षण किया। उनके साथ मोबाइल मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ भारद्वाज, आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की टीमें भी थी। टीम ने सुबह स्कूल समय पर अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच की, जिसमें कई स्कूल बसें और वैन ओवरलोडिंग, निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, फिटनेस प्रमाण पत्र की कमी, फर्स्ट-एड बॉक्स न होने, तथा सुरक्षा मानकों का पालन न करने की स्थिति में पाई गई। इसके बाद मौके पर ही ऐसे स्कूलों वाहनों के चालान काटे गए और एक बस को जब्त कने की कार्रवाई भी की गई। बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं
जज पवन कुमार जीनवाल ने मौके पर ही स्कूल प्रबंधन को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होने सभी वाहनों की नियमित रूप से मेंटेनेंस कराने, ड्राइवरों का वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने और परिचालकों को सुरक्षा मानकों का विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान अधिकारियों ने अभिभावकों और आमजन से भी अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि सुरक्षित छात्र परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निजी सहायक नीरज कुमार शर्मा, कनिष्ठ सहायक प्रसून दीक्षित, लोकेश अग्रवाल, रीडर, मोबाइल मजिस्ट्रेट सहायक उप निरीक्षक पुलिस सुरेश कुमार और पुलिस कांस्टेबल बने सिंह उपस्थित रहे। कल भी दो जजो ने की थी जांच
सोमवार को भी जयपुर शहर में सुबह 7 बजे जज मोबाइल मजिस्ट्रेट, आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की टीम के साथ सड़कों पर उतरे। उन्होंने शहर के कई स्कूलों में बच्चों को लेकर आने वाली बस, वैन और ऑटोरिक्शा को जांचा। इस दौरान नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहन ड्राइवरों के चालान काटे गए। कई वाहन जब्त भी किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवों (जज) ने आज जयपुर शहर में स्कूल वाहनों को चेक किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रथम के सचिव दीपेंद्र माथुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वितीय की सचिव पल्लवी शर्मा ने करीब दो घंटे तक वाहनों की जांच की थी।


