बालाघाट से 180 युवक-युवतियां मंगलवार को प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी के लिए बैंगलोर, हैदराबाद और पुणे रवाना हुए। कलेक्टर मृणाल मीणा ने इन युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 2 दिसंबर को कलेक्ट्रेट कार्यालय से इन युवाओं को टाटा इलेक्ट्रॉनिक, टाटा मोटर्स और टीवीएस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में भेजा गया। इनमें 100 युवतियां और 80 युवक शामिल हैं। टाटा मोटर्स में बालाघाट जिले के कई युवा कार्यरत रवाना होने से पहले, युवाओं को जॉब प्रोफाइल, वेतन, भोजन, आवास, छुट्टी और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान, कुछ महीने पहले अहमदाबाद और बैंगलोर में नौकरी के लिए गए सत्यम (टाटा मोटर्स) और नंदनी (टाटा इलेक्ट्रॉनिक) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद भी कराया गया। सत्यम ने बताया कि टाटा मोटर्स में बालाघाट जिले के कई युवा कार्यरत हैं। कंपनी भोजन, आवास, स्वास्थ्य सहित सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करती है। समय पर वेतन और सुरक्षित कार्य वातावरण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए घर से बाहर निकलना आवश्यक है। सत्यम ने यह भी बताया कि टाटा कंपनी सियरा कार का निर्माण कर रही है, जिसमें बालाघाट के युवाओं का योगदान है। कलेक्टर ने शुभकामनाओं के साथ किया रवाना नंदनी ने बैंगलोर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वह एप्पल कंपनी के लिए आईफोन निर्माण से संबंधित कार्य कर रही हैं और उन्हें प्रतिदिन नई चीजें सीखने का अवसर मिल रहा है। कलेक्टर मृणाल मीणा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि घर बैठे नौकरी मिलना संभव नहीं है। सफलता प्राप्त करने और आगे बढ़ने के लिए घर से बाहर निकलकर अवसरों को अपनाना आवश्यक है।


