गीता जयंती के पावन अवसर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन दशहरा मैदान पर वैष्णवी शर्मा की ‘विराटजयी’ काव्य प्रस्तुति से गूँजे भक्ति भाव। युवा कवयित्री वैष्णवी शर्मा ने अपनी प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति विराटजयी के माध्यम से उज्जैन के दशहरा मैदान में उपस्थित श्रोताओं को भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप, कर्तव्य-योग और धर्म स्थापन के संदेश से अभिभूत कर दिया। वैष्णवी शर्मा की ओजस्वी वाणी, सधी हुई प्रस्तुति और गीता के दार्शनिक प्रसंगों का सहज भावात्मक चित्रण दर्शकों के मन में गहरा प्रभाव छोड़ गया। उन्होंने अपने काव्य पाठ में गीता के माध्यम से प्रकट होने वाले समन्वय, शौर्य और विश्वबंधुत्व के संदेश को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित विद्वानों, कलाकारों और श्रद्धालुओं ने भरपूर सराहा। कार्यक्रम के दौरान वैष्णवी शर्मा का राजेश कुशवाह ने पुष्प गुच्छ देकर अभिनन्दन किया। बुधवार 03 दिसंबर को शाम 7 बजे विश्ववंदनीय नाट्य का मंचन किया जाएगा। सलाउद्दीन पाशा द्वारा गीता ऑन व्हील्स नाट्य का मंचन किया जाएगा। महोत्सव में माधव दर्शनम- लघु चित्र शैलियों में चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी।


