बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में मंगलवार आधी रात जमकर बवाल हुआ। शिकायत लेकर पहुंचे छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया। बात न सुनी जाने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने पत्थरबाजी कर दी। हालात बिगड़ता देख पुलिस बुलाई गई। थोड़ी ही देर में 5 थानों की पुलिस और PAC मौके पर पहुंच गई। छात्रों को हॉस्टल तक खदेड़ा। विश्वविद्यालय हॉस्टल मार्ग को पूरी तरह से बंद किया गया। करीब दो घंटे तक कैंपस में तनाव की स्थिति बनी रही। करीब 50 लोगों को चोटें आई है। इसमें 10 पुलिसकर्मी, 20-25 छात्र, 10-15 प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य शामिल हैं। दरअसल, राजाराम हॉस्टल के पास एक गाड़ी से बिड़ला हॉस्टल के छात्र को धक्का लग गया। इससे नाराज छात्र शिकायत लेकर चीफ प्राक्टर ऑफिस पहुंचे। एक्शन न होने पर सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई। थोड़ी देर में सैकड़ों छात्र मौके पर जुट गए और वीसी आवास के बाहर विरोध करने लगे। प्रॉक्टोरियल बोर्ड और स्टूडेंट्स आमने-सामने हो गए। पत्थरबाजी होने लगी। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने सुरक्षाकर्मियों से छात्रों को पिटवाया। पथराव का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें छात्र पत्थरबाजी करते और सुरक्षाकर्मी उन्हें खदेड़ते नजर आ रहे हैं। 3 फोटो देखिए… 5 थानों की फोर्स मौके पर मौजूद
करीब दो घंटे तक कैंपस में तनाव बना रहा। 300 से ज्यादा छात्रों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड के 100 सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के 50 जवान खदेड़ते रहे, लेकिन पत्थरबाजी चलती रही। बिड़ला हॉस्टल से लेकर रुइया हॉस्टल तक पत्थर ही पत्थर दिखाई दे रहे थे। जिसकी दूरी लगभग 500 मीटर है। गुस्साए छात्रों ने बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। एलडी गेस्ट हाउस के बाहर चौराहे पर लगे 20 से ज्यादा गमले तोड़ दिए। VC आवास के पास तमिल संगमम् का बैनर भी फाड़ दिया। 5 थानों की पुलिस फोर्स और 4 गाड़ियों में PAC के जवानों ने हालात काबू में किया। मौके से 2 छात्रों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने पकड़ा है, जिन्हें लंका थाने में बैठाया गया। चीफ प्रॉक्टर बोले- CCTV की जांच की जा रही
देर रात चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर शिव प्रकाश सिंह ने बताया- CCTV की जांच की जा रही है। सबूत जुटाए जा रहे हैं। अभी किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। वहीं, एसीपी गौरव सिंह ने कहा- छात्रों ने पत्थरबाजी भी की है। अब मौके पर शांति है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… यूपी 112 के कॉन्स्टेबल ने फांसी लगाकर जान दी:आखिरी VIDEO में बोला- जब मैं मरूंगा तो हंसते हुए; जीते जी मैं रोया बहुत हूं कानपुर में मंगलवार को एक कॉन्स्टेबल ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह यूपी 112 में तैनात था। उम्र 30 साल थी। साथी पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर फंदे से शव उतारा। कॉन्स्टेबल अपनी पत्नी और 2 बच्चों के साथ आवास में रहता था। 26 नवंबर को पत्नी बच्चों के साथ मायके गई थी। परिवार को सूचना दी गई है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभी तक आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। पढे़ं पूरी खबर…


