जालंधर में नगर निगम मुलाजिमों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों की मुख्य मांग 1132 कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की मांग है। नगर निगम के विरोध के चलते कार्यालय का मुख्य गेट बंद रहा और सफाई व्यवस्था से जुड़ी मशीनरी और वाहन भी कार्यालय परिसर में खड़े दिखे। कर्मचारी पंजाब सरकार और मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। जालंधर नगर निगम मुलाजिमों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी नहीं थमा। मुलाजिमों ने 1132 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट को लगातार तीसरे दिन भी बंद रखा गया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो धरना इसी तरह जारी रहेगा। निगम कार्यालय में कामकाज ठप धरने के चलते निगम कार्यालय में कामकाज ठप हो गया है। कार्यालय परिसर में जेसीबी मशीनें, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां और अन्य बसें खड़ी कर दी गई हैं, जिससे सफाई व्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। मुलाजिमों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि मौजूदा नीतियों के कारण युवाओं को बेरोज़गारी की ओर धकेला जा रहा है। पंजाब सरकार और मेयर के खिलाफ नाराजगी नगर निगम के प्रधान मट्टू की अगुआई में मुलाजिमों ने पंजाब सरकार और मेयर के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रधान मट्टू की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री मान के खिलाफ भी नारे लगाए गए। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, धरना समाप्त नहीं होगा। कर्मचारियों के इस विरोध प्रदर्शन के कारण शहर की सफाई और अन्य जरूरी सेवाओं पर असर पड़ने लगा है। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं और सरकार को कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए।


