ट्रक चालक से 13 लाख की कथित लूट:बयान में विरोधाभास, चोट के निशान नहीं; जशपुर पुलिस का शक और गहराया

जशपुर में एक ड्राइवर ने दावा किया कि उससे 13 लाख रुपए की लूट हुई है। उसने बताया कि झारखंड के रांची से आलू लेकर जशपुर लौटते समय चार अज्ञात बदमाशों ने उसके पास रखे पैसे लूट लिए। मामला बालाछापर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। चालक राकेश के अनुसार, वह रांची में ट्रक मालिक के देनदारों से पैसे वसूलकर जशपुर लौट रहा था। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे बालाछापर के पास उसने टॉयलेट के लिए ट्रक रोका। तभी पीछे से एक कार आकर रुकी, जिसमें से चार युवक उतरे और उस पर हमला कर दिया। चालक ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उसे डंडे और पत्थर से पीटा, उसके हाथ-पैर बांधे और जमीन पर गिराकर ट्रक में रखे 13 लाख रुपए और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले गए। मोबाइल डंप डेटा भी ट्रेस किया गया। संभावित संदिग्धों और वाहन की तलाश में पुलिस की टीमें झारखंड के लिए रवाना भी हो गई है। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को चालक के बयान में कई गंभीर विरोधाभास मिले हैं। चालक के बयान में विरोधाभास उजागर चालक ने पहले कहा कि उसके हाथ पीछे बांधे गए थे, लेकिन बाद में उसने बताया कि हाथ सामने बांधे गए थे। उसने हमलावरों की ओर से डंडे और पत्थर से हमला करने का दावा किया था। जबकि मेडिकल परीक्षण में उसके शरीर पर कोई चोट, लाल निशान, खरोंच या सूजन नहीं पाई गई। चोटों के अभाव ने बढ़ाया संदेह इसके अलावा चालक ने यह भी कहा कि हमलावरों ने उसे जमीन पर पटककर घसीटा, लेकिन उसके कपड़ों पर न तो मिट्टी के निशान मिले और न ही सुबह के समय होने वाली ओस की नमी के कोई चिन्ह। इन विरोधाभासों के कारण पुलिस का शक गहरा गया है। रस्सी और मोबाइल बरामदगी ने खड़े किए सवाल इसके अलावा, जांच के दौरान जिस रस्सी से बांधने का दावा किया गया था, वह चालक ने खुद ट्रक के ऊपर से उतारकर पुलिस को दी। जो संदेह को और बढ़ाता है। मोबाइल लूटने की बात के बावजूद चालक का मोबाइल पुलिस को डोडकचौरा ढाबा के पास सड़क किनारे गिरा हुआ मिला। फोन मिलने से और गहराया शक जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि फोन वास्तव में लुटेरों ने गिराया या चालक ने खुद गिराया। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस मामले को लूट मानते हुए आगे बढ़ रही है, लेकिन चालक के विरोधाभासी बयानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस दो संभावनाओं पर कर रही जांच पुलिस की दृष्टि में यह मामला दो संभावनाओं में उलझा है। वाकई लूट की घटना घटित हुई या चालक ने खुद कहानी गढ़कर राशि गायब करने का प्रयास किया होगा। SSP शशि मोहन सिंह ने कहा मामले में पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। हमारी कोशिश है कि अगर ऐसी घटना हुई है तो दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। बयान में आए विरोधाभासों को भी गंभीरता से जांच के दायरे में लिया गया है।”

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