भरतपुर के रुदावल CHC का एक लापरवाही का मामला सामने आया है। जब एक व्यक्ति अपनी भतीजी के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा तो, वहां मौजूद नर्सिंगकर्मी ने उसे यह कहकर वहां से लौटा दिया कि अस्पताल में टांके लगाने के लिए सुई धागा नहीं है। इसलिए वह बच्ची को RBM अस्पताल ले जाये। व्यक्ति इसकी शिकायत विधायक, कलेक्टर, SDM और BCMO से की है। सतीश निवासी रुदावल ने शिकायत देते हुए बताया कि मेरी भतीजी गुन्नु (6) 4 जनवरी दोपहर करीब 2 बजे खेलते समय अचानक गिर गई। जिससे उसकी नाक और आंख में चोट आई। जिसे इलाज के लिए रुदावल CHC पर ले जाया गया। अस्पताल में मुकेश नाम का एक नर्सिंगकर्मी मिला। जिसने बच्ची को देखकर कहा कि, हमारे पास टांके लगाने के लिए सुई धागा नहीं है। इसलिए बच्ची को भरतपुर ले जाओ। रुदावल में बच्ची को कोई प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया। जिसके बाद सभी परिजन बच्ची को लेकर आरबीएम अस्पताल पहुंचे। RBM अस्पताल में बच्ची का इलाज किया गया। RBM अस्पताल के स्टाफ ने बच्ची के परिजनों से कहा कि उन्होंने रुदावल अस्पताल में बच्ची का प्राथमिक उपचार क्यों नहीं करवाया। बच्ची को भरतपुर के RBM अस्पताल ले जाने के लिए रुदावल अस्पताल की तरफ से एम्बुलेंस की व्यवस्था भी नहीं करवाई गई। इसलिए बच्ची के परिजन किराए पर गाड़ी कर उसे आरबीएम अस्पताल लेकर आये। बच्ची के परिजन बेहद गरीब परिवार से हैं।


