बालाघाट में 29 दिसंबर को ट्रैवल संचालक दयानंद नगपुरे की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्या का कॉन्ट्रैक्ट उसी के दोस्त ने तीन लाख रुपए में दिया था। बचने के लिए आरोपियों ने मोबाइल और गाड़ी की एलईडी भी जला दी। वह क्रिप्टो करेंसी में तीन लाख रुपए इन्वेस्ट कर 30 लाख रुपए दिलवाने का दबाव बना रहा था। पुलिस ने 100 सीसीटीवी खंगाले, मोबाइल कॉल डिटेल की मदद से सबूत जुटाए। पुलिस ने मुख्य आरोपी भार्गव ईश्वरी सिहोरे (19) निवासी चिखला, कॉन्ट्रैक्ट किलर निलेश उर्फ जैकी (21) पिता नारायण सुलाखे, कृष्णा (23) पिता राधेश्याम रनगिरे और शंकर (22) पिता दुर्गा प्रसाद नगपुरे को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, कॉन्ट्रैक्ट किलर से मिलाने वाले हिमांशु बम्बुरे और रितेश माहुले फरार हैं। आरोपियों ने कैसे इस वारदात को अंजाम दिया? पूछताछ में क्या बताया? कैसे पुलिस आरोपियों तक पहुंची? इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर ने एसपी नगेंद्र सिंह से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… तार से गला दबाकर हत्या हत्या की गई
एसपी नगेंद्र सिंह ने बताया कि दयानंद नगपुरे (22) पिता रमनलाल नगपुरे निवासी चिखला 26 दिसंबर से लापता था। गुमशुदगी भी दर्ज है। 29 दिसंबर को उसका शव जायलो कार में भरवेली थाना क्षेत्र के रट्टा भानपुर-खुटिया में मिला। घटनास्थल पर कार की जली हुई चाबी, जला हुआ टेप रिकॉर्डर मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि हत्या तार से गला दबाकर की गई है। साइबर समेत सात टीमें जांच के लिए लगाई गईं। सीसीटीवी में दिखे संदिग्ध बाइक सवार
पुलिस को दयानंद की मोबाइल लोकेशन लामता के भोंडवा में मिली। पुलिस ने इलाके में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एक गांव में मिले फुटेज में बाइक पर जाते कुछ संदिग्ध दिखे। कॉल डिटेल में पता चला कि आखिरी बार दयानंद की भार्गव सिहोरे (19) से बात हुई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर भार्गव को पकड़कर पूछताछ की। सख्ती करने पर आरोपी ने पूरी कहानी बयां कर दी। कार से ले गए, फिर तार से गला घोंटा
भार्गव ईश्वरी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 26 दिसंबर की रात घर से दयानंद की जायलो कार से निकले। हालांकि दयानंद ने दो दोस्तों को साथ ले जाने की बात कही थी, लेकिन मैंने मना कर दिया। दोनों साथ में चले गए। यहां से खुटिया पहुंचे। यहां साजिश के तहत जैकी, राधेश्याम और शंकर को साथी बताकर कार में बिठा लिया। आगे जंगल में जाकर जैकी और मैंने तार से दयानंद का गला घोंट दिया। शंकर और राधेश्याम ने उसके पैर पकड़ लिए। दम निकलने तक तार से गला कसकर रखा। लाश को गाड़ी की पिछली सीट पर डाला और भानपुर और खुटिया के जंगल में ले गए। बचने के लिए पिता को किया मिस कॉल
एसपी ने बताया कि वारदात के बाद चारों ने बचने का प्लान बनाया। इसके तहत तीनों बाइक से भार्गव सिहोरे का मोबाइल और कार में जीपीएस की आशंका से लगी एंड्रॉयड स्क्रीन लेकर गए। लामता क्षेत्र में घूमे, ताकि पुलिस को मोबाइल लोकेशन न मिले। लामता से भार्गव के फोन से दयानंद के पिता रमनलाल को मिस कॉल भी किया। बाद में मोबाइल और एंड्रॉइड स्क्रीन को जला दिया। 1 लाख के 10 लाख कमाए तो लालच बढ़ा
एमसपी के मुताबिक दयानंद और भार्गव एक ही गांव के थे। भार्गव शेयर ट्रेडिंग और दयानंद ट्रैवल्स का काम करता था। करीब डेढ़ साल पहले उसने ट्रेडिंग शुरू कर दी थी। करीब छह महीने पहले दयानंद को क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट कर 10 गुना मुनाफे का झांसा दिया। आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी में एक लाख रुपए के बदले 10 लाख रुपए कमाकर भी दिए थे। धीरे-धीरे इन्वेस्ट कर पैसे कमाने लगा। ऐसे में लालच बढ़ता गया। वह अपना कारोबार बढ़ाना चाहता था। इसी उम्मीद में इनोवा भी खरीद ली थी। दयानंद ने जमा पूंजी और तीन लाख रुपए उधार लेकर आरोपी तीन लाख रुपए दे दिए। इसके बदले लगातार 30 लाख रुपए मांग रहा था। धमका रहा था दयानंद इसलिए रची साजिश
पुलिस का कहना है कि दयानंद राजनीतिक लोगों से जुड़ा था। पैसे नहीं देने पर लगातार भार्गव को फंसा देने की धमकी दे रहा था। इसके बाद भार्गव ने दयानंद को ही रास्ते से हटाने की ठान ली। उसने साथी हिमांशु और रितेश के साथ सुपारी देकर हत्या के बारे में बात की। एक महीने पहले दोनों ने उसे कॉन्ट्रैक्ट किलर्स से मिलवाया। तीन लाख रुपए में निलेश उर्फ जैकी सुलाखे, शंकर नगपुरे और कृष्णा रनगिरे को सुपारी दे दी। इनोवा खरीदी थी, फॉर्च्यूनर भी बुक की थी
पिता रमनलाल नगपुरे ने बताया कि दयानंद 26 दिसंबर को बालाघाट से किसी से पैसे लेकर आने की बात कहकर घर से निकला था। उसका एक बार कॉल आया था। फिर पता नहीं चला। वह घर में सबसे बड़ा था। उसे गाड़ियों का भी शौक था। ट्रैवल्स का काम था। जायलो पहले से है। हाल ही में इनोवा और बुलेट खरीदी थी। इनोवा कार विक्रेता से कहा था कि वह लौटकर पैसे देगा। इंदौर से फॉर्च्यूनर भी बुक की थी। ये खबर भी पढ़ें- बालाघाट में लापता युवक का मिला शव
29 दिसंबर को भरवेली पुलिस ने दयानंद पिता रमनलाल नगपुरे का शव, भरवेली थाना क्षेत्र के भानपुर और कुटिया के जंगल में वाहन के अंदर से बरामद किया था। जिसका शव काफी खराब हो गया था। घटनास्थल से उसका मोबाइल भी नहीं मिला। परिजन ने हत्या की आशंका जताई। पढ़ें पूरी खबर…


