विदेश भेजने के नाम पर डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों से करीब 20 लाख रुपए ठगने वाले फरार इनामी कबूतरबाज मकसूद अली को पुलिस की विशेष टीम ने सीकर जिले के रामगढ़ कस्बे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सवाई माधोपुर के तीन प्रकरणों में वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था। SP अनिल कुमार ने बताया कि ASP विजय सिंह मीणा, CO उदय सिंह के निर्देशन और थाना मानटाउन प्रभारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।आरोपी मकसूद अली पुत्र असगर अली, निवासी मोचियों का मोहल्ला, वार्ड 17, रामगढ़ (सीकर) लंबे समय से विदेश भेजने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलकर फरार चल रहा था। कुटिलता और वाकपटुता के बल पर वह आसानी से लोगों का विश्वास जीत लेता था। इन मामलों में चल रहा था फरार इमामुद्दीन से दुबई वीज़ा का झांसा देकर 1.50 लाख रुपये हड़प लिए और फर्जी वीजा थमा दिया। एयरपोर्ट पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जिसके मामला 1 जुलाई 2024 को मलारना डूंगरथाने में दर्ज हुआ था। इसी तरह 3 अगस्त 2024 को रईस निवासी कानसीर व अन्य ग्रामीणों से वीजा व टिकट के नाम पर 10 लाख रुपये ठगे। बाद में टिकट कैंसिल होने का बहाना बनाकर फरार हो गया।इसका मुकदमा भी मलारना डूंगर थाने में दर्ज हुआ था।आरोपी के खिलाफ राशिद पुत्र सलीम की ओर से मलारना डूंगर थाने में 20 जनवरी 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें 10 ग्रामीणों से 7.64 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया। बीएलओ बनकर पकड़ा पुलिस टीम ने SP अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि आरोपी की लोकेशन संबंधी सूचना ASI अजीत मोगा को मिली कि वह रामगढ़ में किराए के कमरे में छिपकर रह रहा है। मकसूद अपने घर पर नहीं रहता था, ताकि पुलिस पकड़ न सके। जिस पर मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता की टीम में शामिल ASI लक्ष्मण सिंह, हैड कॉन्स्टेबल संजय कुमार, कॉन्स्टेबल विजय व बुद्धि प्रकाश को रामगढ़ भेजा गया। पुलिस टीम ने उसके विरोधियों से गुप्त जानकारी जुटाई और परिवार पर निगरानी रखी। मकान चारों तरफ से खुला होने से भागने की संभावना ज्यादा थी, इसलिए टीम ने बीएलओ बनकर मकान में प्रवेश किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले आरोपी कई बार पुलिस को चकमा देकर भाग चुका था। सामाजिक छवि का उठाता था फायदा मकसूद अली नगरपालिका रामगढ़ का वार्ड पार्षद रह चुका है और चेयरमैन चुनाव मात्र दो वोटों से हारा था। सामाजिक कार्यों और वाकपटुता के कारण क्षेत्र में पहचान बनाए रखी।मामलों के दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया से दूरी बना ली ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


