सीकर के रसीदपुरा गांव में लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्त्ताओं का सम्मेलन हुआ। भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने परिसीमन के लिए वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ का अभिनंदन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपाई शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कहा कि इन सभी मामलों को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। जैसे निर्णय होते जा रहे हैं वह सबके सामने आ रहे हैं। बोर्ड और निगमों में कुछ नियुक्तियां तो की जा चुकी हैं। बची हुई राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी सरकार जल्द ही निर्णय करेगी। सम्मेलन में धोद विधायक गोवर्धन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, पूर्व विधायक राजकुमारी शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष कमल सिखवाल और महेश शर्मा आदि मंचस्थ थे। वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। अलग-अलग फोरम पर लगातार कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया जा रहा है। आगामी समय में पंचायत और निकाय चुनाव होने वाले हैं, इसको लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। सभी कार्यकर्ता मिलजुल कर चुनाव में जुटेंगे, यही अपेक्षा है। सीएम भजनलाल के बार-बार दिल्ली जाने और मंत्रीमंडल फेरबदल की आशंका को लेकर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस में तो एक परिवार के हिसाब से पूरी पार्टी चलती है। भारतीय जनता पार्टी में निर्णय संबंधित क्षेत्र के हिसाब से होते हैं। भाजपा राष्ट्र में एक पार्टी के रूप में काम करती है। केंद्र में बड़ा सचिवालय है, जहां पर पूरे देश का काम होता है। राजस्थान सरकार के बहुत सारे मामले होते हैं, जिनको लेकर सीएम को बार-बार दिल्ली जाना पड़ता है। आज डबल इंजन की सरकार का यह फायदा है कि आज केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के कारण सभी मामले एक-एक करके सुलझाए जा रहे हैं। अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि 2018 में जब भाजपा की सरकार गई तो राजस्व घाटे को पूरी तरह खत्म करके सरकार के कोष को फायदे में छोड़कर गई थी। फिर जब 2023 में भाजपा सत्ता में आई तो प्रदेश में घाटे की सत्ता मिली, पिछले 2 वर्ष में हुए आर्थिक मैनेजमेंट के आधार पर प्रदेश सरकार राजस्व घाटे से उबर रही है। ईआरसीपी की डीपीआर अप्रूव हो चुकी है और अब काम शुरू हो चुका है। शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौते के तहत जल्द ही अगले कुछ दिनों में काम शुरू होने की उम्मीद है और अगले चुनाव से पहले पूरा हो जाएगा। अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि परिसीमन के मामले में कांग्रेस के किए गए कामों को सुधारने की जरूरत थी, इसलिए प्रदेश सरकार ने उचित मापदंड बनाए। इसी हिसाब से परिसीमन का काम पूरा किया गया है। हाई कोर्ट ने भी इस चीज को माना है। चुनाव के लिए ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट अनिवार्य होने के कारण ओबीसी कमिशन तेजी से कम कर रहा है। जल्द ही ओबीसी कमिशन की रिपोर्ट भी आ जाएगी। हाईकोर्ट ने सारी परिस्थितियों को देखते हुए 15 अप्रैल तक का समय दिया है तो, उम्मीद है कि 15 अप्रैल तक सारे काम पूरे हो जाएंगे इसके बाद ही चुनाव होंगे। वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पहली बार परिसीमन का काम पारदर्शिता के साथ किया गया है। इस परिसीमन के जरिए राजस्थान में 3500 नई ग्राम पंचायत और लगभग 90 नई पंचायत समितियों का गठन किया गया है। आज किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है। जब यह मामला हाईकोर्ट गया तो हाईकोर्ट ने भी सरकार के काम में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। कांग्रेस ने पंचायत समितियों और स्थानीय निकायों के पुनर्गठन में कभी भी संवैधानिक मापदंड और जनसंख्या का आधार को नहीं देखा। कांग्रेस ने सिर्फ वोटों के ध्रुवीकरण को देखते हुए पंचायत समितियों और निकायों का पुनर्गठन किया। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि इस बार परिसीमन का काम पारदर्शिता से किया गया है। कहीं कोई आपत्ति और विरोध दर्ज नहीं हुआ है। फिर भी 52000 गांव के परिसीमन को लेकर कहीं से कोई ज्ञापन मिला तो उनको मद्देनजर रखते हुए ही काम किया गया। एक सलाहकार के तौर पर सरकार को परिसीमन के मामले में सिर्फ सलाह देने का काम किया। अधिकृत रूप से जिन्होंने परिसीमन किया है वही परिसीमन की आपत्तियों को लेकर जवाब दे सकते हैं।


