कुआं थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल रविन्द्र सिंह राठौड़ 5 महीने से जिंदगी की जंग लड़ रहा है। 33 केवी बिजली लाइन के करंट से गंभीर रूप से झुलसने पर गुजरात में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब तक 40 लाख से ज्यादा का खर्च हो चुका है। वहीं, अपने हेड कॉन्स्टेबल की गंभीर हालत पर एसपी से लेकर जवान भी मदद में आगे आए। 7 लाख रुपए इकट्ठे कर उस तक मदद पहुंचाई। रविन्द्र सिंह की मंगलवार को भी एक सर्जरी की गई, जिस पर करीब 4 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च हुआ। एसपी मनीष कुमार ने बताया कि जिले के कुआं थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल रविन्द्र सिंह राठौड़ 5 जुलाई को करंट लगने से झुलस गया था। रविन्द्र के भाई दिलीप सिंह ने बताया कि वह साबला में अपने भतीजे के निर्माणाधीन मकान का काम देखने जा रहा था। उसी समय 33 केवी लाइन की चपेट में आ गया। उसे गंभीर हालत में डूंगरपुर अस्पताल लेकर आए, लेकिन हालत खराब होने से गुजरात के लिए रेफर कर दिया। उसे अहमदाबाद के जायडस अस्पताल में भर्ती करवाया। 5 महीने में उसकी कई बार सर्जरी हुई। बावजूद वह जिंदगी की जंग लड़ रहा है। इलाज पर अब तक 40 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हो चुका है। परिवार के रिश्तेदार से लेकर दोस्त और कई लोगों ने मदद की। वहीं, पुलिस महकमे ने भी उसकी अच्छी सेहत के लिए सहयोग की ठाना। एसपी मनीष कुमार ने इसके लिए जिले के सभी पुलिस अधिकारियों से लेकर जवानों से उसके इलाज के लिए आर्थिक मदद करने की अपील की। इसका असर ये रहा कि सभी जवानों ने मदद की ओर 7 लाख 3 हजार 120 रुपए की राशि जुटाई । ये राशि रविन्द्र सिंह तक पहुंचाई, जिससे मंगलवार की उसके एक जटिल सर्जरी की गई।


